आरा में झुका बिजली पोल बना खतरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

Arrah News:आरा के अवधपुरी मोहल्ले में एक वर्ष से झुका बिजली पोल हादसे का खतरा बना है. शिकायतों के बावजूद विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय है.

Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) भोजपुर जिले के आरा शहर स्थित अति महत्वपूर्ण इलाके चंदवा मोड़ के पास अवधपुरी मोहल्ले में एक बिजली का पोल पिछले एक वर्ष से अधिक समय से झुका हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पोल की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन बिजली विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है.

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

मोहल्लेवासियों के अनुसार बिजली विभाग द्वारा विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं. इन शिविरों में झुके हुए पोल की शिकायत भी कई बार की गई, लेकिन अब तक पोल की मरम्मत या बदलाव नहीं किया गया. लोगों का आरोप है कि विभागीय अभियान केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है.

पोल पर अधिक भार, हादसे का बढ़ा खतरा

स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त पोल पर कई बिजली तारों का भार है. यदि पोल अचानक गिरता है तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है. इसके बावजूद विभागीय अधिकारी केवल निरीक्षण कर लौट जाते हैं और समस्या जस की तस बनी हुई है.

एक साल से दहशत में जी रहे लोग

मोहल्लेवासियों का कहना है कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से पोल झुका हुआ है. कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने से लोगों में आक्रोश है. बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर भी लोग चिंतित हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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