आरा के धनुपरा में केंद्रीय विद्यालय बनने का रास्ता साफ, प्रशासन ने जमीन से हटवाया अवैध अतिक्रमण

Arrah News: भोजपुर जिले के आरा सदर अंचल अंतर्गत धनुपरा में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए चिह्नित सरकारी भूमि को प्रशासन ने पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करा लिया है. आरा सदर अंचलाधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ विशेष अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया गया.

Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) आरा सदर अंचल के धनुपरा में केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है. विद्यालय के लिए प्रस्तावित और चिह्नित सरकारी भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुधवार को प्रशासन द्वारा एक विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया गया. यह पूरी कार्रवाई आरा सदर अंचल के अंचलाधिकारी के कुशल नेतृत्व में भारी संख्या में प्रशासनिक टीम और पुलिस बल की मौजदूगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई.

छात्रों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत होगा शैक्षणिक ढांचा

अभियान के तहत केंद्रीय विद्यालय निर्माण के लिए सुरक्षित रखी गई जमीन को पूरी तरह से खाली कराया गया, ताकि जल्द से जल्द इस भूमि को विद्यालय प्रबंधन को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए सौंप दिया जाए.

मौके पर मौजूद अंचलाधिकारी ने बताया:’धनुपरा स्थित इस कीमती भूमि पर केंद्रीय विद्यालय के निर्माण की योजना लंबे समय से प्रस्तावित है. इस विद्यालय के बन जाने से आरा और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही इलाके में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बेहतर और आधुनिक सुविधा मिलने लगेगी. साथ ही जिले के शैक्षणिक आधारभूत संरचना को एक नई मजबूती मिलेगी.’

सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों को सख्त चेतावनी

अंचलाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सार्वजनिक और सरकारी जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि धनुपरा की तरह ही अंचल क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी सरकारी जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है और आने वाले दिनों में भी अतिक्रमण मुक्त कराने की यह प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.

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By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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