Arrah News: (नारायण त्रिपाठी की रिपोर्ट) भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड अंतर्गत सिकरौल गांव में आयोजित धार्मिक कथा कार्यक्रम के दौरान कथावाचक पूज्य श्रीमन नारायण स्वामी जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में बदलते परिवेश के कारण समाज में संस्कारों का तेजी से क्षरण हो रहा है. उन्होंने कहा कि संस्कारों को संरक्षित रखने के लिए समाज के सभी वर्गों को गंभीर प्रयास करने होंगे.
कथा के दौरान श्री श्री 1008 नारद स्वामी के परम शिष्य पूज्य श्रीमन नारायण स्वामी जी महाराज ने कहा कि जिस परिवार और समाज में संस्कार नहीं होंगे, उसके पतन को कोई नहीं रोक सकता. इसलिए नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है.
भारतीय संस्कृति का विश्व में विशेष सम्मान
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों का पूरे विश्व में सम्मान किया जाता है. भारतीय संस्कृति मानवता, परिवार और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देती है. लेकिन आधुनिक दौर में कुछ लोग पश्चिमी सभ्यता की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिसका प्रभाव पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है.
परिवारों में बढ़ रहा है अलगाव
नारायण स्वामी ने कहा कि पश्चिमी जीवनशैली के प्रभाव से परिवारों में कलह, विघटन और अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है. माता-पिता एवं बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना में भी कमी देखी जा रही है, जो चिंता का विषय है.
बच्चों को दें संस्कार और संस्कृति की शिक्षा
उन्होंने लोगों से अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की शिक्षा देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि यदि समाज और परिवार को मजबूत बनाना है तो भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाना होगा. संस्कारयुक्त समाज ही सशक्त और संगठित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. कथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और संत के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना.
