भोजपुर में 224 नई उद्योग इकाइयों को मंजूरी, स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

भोजपुर जिले में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 224 नए उद्यमियों का चयन किया गया है. जिले में पहली बार कृषि ड्रोन सेवा केंद्र, साइबर कैफे, फूड प्रोसेसिंग और अन्य उद्योग स्थापित होंगे.

Arrah News: बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भोजपुर जिले में 224 नए उद्यमियों का चयन किया गया है. चयनित लाभार्थियों को वित्तीय सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण देकर जिले के विभिन्न प्रखंडों में उद्योग स्थापित कराए जाएंगे. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है.

सरकारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत सबसे अधिक 53 युवाओं का चयन हुआ है, जबकि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना में 52 महिलाओं को मौका मिला है. इसके अलावा मुख्यमंत्री ईबीसी उद्यमी योजना के तहत 52, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से 50, अल्पसंख्यक उद्यमी योजना से 14 तथा दिव्यांग उद्यमी योजना से 3 लाभार्थियों का चयन किया गया है.

डिजिटल सेवा और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स भी लगेंगे

नए उद्यमियों का सबसे अधिक झुकाव डिजिटल सेवाओं और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की ओर देखा गया है. जिले में 35 साइबर कैफे सह आईटी बिजनेस सेंटर, 26 आटा-सत्तू-मसाला पिसाई यूनिट, 16 तेल मिल, 6 मिनी राइस मिल तथा 12 रेडीमेड गारमेंट्स यूनिट स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा 16 होटल-रेस्तरां एवं ढाबा, 15 पेपर प्लेट यूनिट, 7 आधुनिक ऑटोमोबाइल गैराज, 7 फर्नीचर प्लांट, 5 मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर और 4 फ्लेक्स प्रिंटिंग इकाइयों को भी मंजूरी मिली है.

जिले में पहली बार शुरू होंगे कृषि ड्रोन सेवा केंद्र

इस बार योजना के तहत सबसे अनूठी पहल आधुनिक कृषि ड्रोन सेवा केंद्रों की स्थापना है. चयनित उद्यमियों को ड्रोन खरीदने, पायलट प्रशिक्षण और सर्विस सेंटर स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को खेतों में नैनो यूरिया एवं कीटनाशकों के सुरक्षित छिड़काव, फसल निगरानी और आधुनिक खेती की सुविधाएं गांव स्तर पर उपलब्ध होंगी.

10 लाख रुपये तक की मिलेगी सहायता

अधिकारियों के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के बाद लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की जाएगी. योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है. इसमें 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 5 लाख रुपये अनुदान के रूप में माफ किए जाएंगे, जबकि शेष राशि आसान एवं ब्याजमुक्त ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी.

आरा, तरारी, जगदीशपुर, पीरो, बिहिया, शाहपुर, संदेश और चरपोखरी जैसे क्षेत्रों में इन इकाइयों के शुरू होने से स्थानीय युवाओं को घर के पास रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी.

हर साल बढ़ रही चयनित लाभार्थियों की संख्या

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की शुरुआत वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए की गई थी. बाद में इसे अति पिछड़ा वर्ग और फिर सभी वर्गों के युवाओं एवं महिलाओं के लिए विस्तारित किया गया.

वित्तीय वर्षवार चयनित लाभार्थी

  • 2021-22: 174 चयनित
  • 2022-23: 172 चयनित
  • 2023-24: 194 चयनित
  • 2024-25: 208 चयनित
  • 2025-26: 224 चयनित

इसे भी पढ़ें: 961 करोड़ की लागत से किऊल-झाझा के बीच बनेगी तीसरी नई रेल लाइन, मोदी सरकार की बिहार को सौगात

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >