आरा में स्वतंत्रता सेनानी हरिपाल दुबे की पुण्यतिथि पर संगोष्ठी, वक्ताओं ने नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया

Arrah News: आरा के ईजरी व सलेमपुर विद्यालय में स्वतंत्रता सेनानी हरिपाल दुबे की पुण्यतिथि पर विचार संगोष्ठी हुई. उनके योगदान को याद कर श्रद्धांजलि दी गई और छात्रों को प्रेरित किया गया.

Arrah News: (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी हरिपाल दुबे की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर उच्च माध्यमिक विद्यालय ईजरी एवं मध्य विद्यालय सलेमपुर के प्रांगण में विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस दौरान उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे. सभी ने स्वतंत्रता सेनानी के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

भारत छोड़ो आंदोलन में रहा अहम योगदान

प्रधानाध्यापक मुकेश प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि हरिपाल दुबे ने महात्मा गांधी के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई और देश की आज़ादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इसी आंदोलन के दौरान हरिपाल दुबे, जंगिलाल एवं लक्ष्मण दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. आजादी के बाद उनके योगदान के लिए उन्हें ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया. वक्ताओं ने उनके देशभक्ति पूर्ण जीवन को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया.

कृष्ण चंद्र दुबे को भी किया गया याद

कार्यक्रम में उच्च कोटि के लेखक, कुशल पुलिस पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण चंद्र दुबे उर्फ मनन दुबे को भी याद किया गया. वक्ताओं ने कहा कि उनका विद्यालय से विशेष लगाव रहा है और वे हमेशा समाज सेवा के लिए समर्पित रहे. सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

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Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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