आरा के प्रशासनिक महकमे में रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल, फिर भी नहीं हो रही कार्रवाई! भोजपुर पुलिस पर उठे सवाल

भोजपुर के अभिलेखागार में क्लर्क द्वारा रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है. प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं, और जनता निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है.

Arrah Administrative Departments : भोजपुर के प्रशासनिक महकमे में अनियमितता के एक मामले में कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं. करीब एक सप्ताह पहले अभिलेखागार में काम कराने पहुंचे एक व्यक्ति से उच्च वर्गीय लिपिक समंजय कुमार गुप्ता द्वारा जमीन से संबंधित कागजात देने को लेकर स्पष्ट रूप से पैसे मांगने का वीडियो सामने आया था. काम के लिए पहुंचे व्यक्ति ने कर्मचारी की इस हरकत का वीडियो बना लिया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ. इस मामले की जानकारी जिलाधिकारी मधेश कुमार मीणा को भी उपलब्ध कराया गया था. इसके अलावा इस पूरे मामले को सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन करीब एक सप्ताह बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

वीडियो सामने आने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

मामले में सबसे सवाल यही है कि कर्मचारी द्वारा पैसे मांगने का वीडियो सामने आने और अधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचने के बावजूद अब तक क्या कार्रवाई हुई. वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना था. खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी को भी इसकी जानकारी दी गई थी. इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.

जिले में लोगों के बीच आक्रोश

इस मामले को लेकर जिले के लोगों में आक्रोश का माहौल है. लोगों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा काम कराने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप सामने आता है और उसका वीडियो भी उपलब्ध है, तो मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होनी चाहिए. लोगों का कहना है कि प्रशासनिक कार्यालयों में आम लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को ऐसी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए.

कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है कर्मचारियों का मनोबल

लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की शिकायतों के बावजूद संबंधित कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे गलत काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल बढ़ सकता है. सरकारी कार्यालयों में पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है. ऐसे में काम कराने के लिए पैसे मांगने जैसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई जरूरी है.

लोगों का यह भी कहना है कि जिला प्रशासन के अलग-अलग कार्यालयों में काम कराने के दौरान आम लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. कर्मचारियों के व्यवहार और काम के बदले पैसे मांगने जैसी शिकायतें सामने आती रहती हैं. ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होने से लोगों का भरोसा प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रभावित हो सकता है. अब करीब एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं होने के मामले में लोगों की नजर जिला प्रशासन के अगले कदम पर है.

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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