देश के कल्याण के लिए युवा अध्यात्म व विज्ञान को करें आत्मसात: सांसद पप्पू यादव

मां भगवान का जीवित रूप

-13-प्रतिनिधि, अररिया जिले के भरगामा प्रखंड अंतर्गत खजूरी गांव वार्ड संख्या 02 में आयोजित राष्ट्रीय संतमत सत्संग का 15वां वार्षिक अधिवेशन भव्य श्रद्धा व आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ. इस पावन अवसर पर पूर्णिया लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. अपने संबोधन में सांसद पप्पू यादव ने युवाओं से अपील की कि वे देश के कल्याण के लिए अध्यात्म व विज्ञान दोनों को आत्मसात करें. उन्होंने कहा कि आज का युवा अगर अपने सपनों को साकार करना चाहता है तो उसे कर्मयोगी बनना होगा व वर्तमान को सुधारना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि धर्म व जाति के नाम पर नफरत फैलाने वाली सोच से दूर रहना ही आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है. सांसद श्री यादव ने कहा कि सनातन धर्म ने कभी जाति नहीं सिखाई, ऋषि-मुनियों की परंपरा में समाज को जोड़ने का काम किया है, न कि तोड़ने का. उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट रखना, मानवता का प्रचार करना व बुजुर्गों के अनुभवों से सीखना ही सच्ची आध्यात्मिकता है. उन्होंने मां की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि मां भगवान का जीवित रूप है, जो अपने बच्चों से नि:स्वार्थ प्रेम करती है. उनके लिए हर सुख-दुख सहती है. मां का सम्मान करना मानव धर्म का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए. कार्यक्रम में सांसद को आयोजकों द्वारा सम्मानित भी किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संत समाज के सदस्य व बुद्धिजीवी उपस्थित थे. सांसद के संबोधन से वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा व्याप्त हो गयी. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश, समाज व मानवता के लिए एक नई सोच के साथ आगे बढ़ें. इस मौके पर मुखिया प्रिंस विक्टर, सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, जिला परिषद मो हलचल, जेडी यादव, राणा यादव, मो अरसद, कृष्णा यादव, संगम सहित दर्जनों लोग मौजूद थे.

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