अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट
World Blood Donor Day: ‘रक्तदान महादान’ के संकल्प को चरितार्थ करते हुए रविवार को विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा अररिया द्वारा स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) परिसर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का संधारण किया गया. इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं और आम नागरिकों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जिला अस्पताल व अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित कराना था. इस मानवीय पुनीत कार्य में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर अपनी कड़ियां जोड़ीं.
पहली बार रक्तदान करने वालों में दिखा गजब का संबल
- युवाओं की पहल: रेड क्रॉस के कार्यकारिणी सदस्य शुभम राज ने पहली बार स्वेच्छा से रक्तदान कर युवाओं के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया.
- कोरोना वॉरियर्स व स्वास्थ्य कर्मियों का योगदान: अररिया पीएचसी में कार्यरत एएनएम (ANM) अन्नू कुमारी ने भी पहली बार इस मुहिम से जुड़कर अपना रक्तदान किया.
रक्तदाताओं ने साझातौर पर कहा कि रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं होती, बल्कि यह एक स्वस्थ नागरिक की सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय कर्तव्य है. इनके अलावा समाजसेवी सुमित कुमार सुमन और दीपक कुमार सिन्हा सहित आधा दर्जन से अधिक कप्तानों ने स्वेच्छा से ब्लड डोनेट किया.
“एक यूनिट रक्त किसी मरणासन्न व्यक्ति को नया जीवनदान दे सकता है. चिकित्सा विज्ञान में आज भी मानवीय रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान ही गंभीर मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने का एकमात्र माध्यम है.” — डॉ. एस.आर. झा, चेयरमैन, रेड क्रॉस अररिया
एक यूनिट रक्त दे सकता है नया जीवन, रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं
रेड क्रॉस के मानद सचिव प्रहलाद शरण वर्मा ने समाज के सभी स्वस्थ और योग्य नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन में वर्ष में कम से कम एक बार स्वैच्छिक रक्तदान का संकल्प जरूर लें.
अंगवस्त्र और प्रमाण-पत्र देकर रक्तदाताओं को किया गया सम्मानित
इस सफल मानवीय शिविर का संधारण और चिकित्सकीय कमान डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में आई अस्पताल की विशेष मेडिकल और पैरामेडिकल टीम ने संभाला. शिविर को सुचारू रूप से संचालित करने में रेड क्रॉस के संयुक्त सचिव प्रो. सरवर आलम, गौतम मुखर्जी, डॉ. आर.के. झा और संजीत कुमार मुस्तैद रहे. कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य अतिथियों और पदाधिकारियों द्वारा समाज के प्रति बहुमूल्य योगदान देने वाले सभी युवा रक्तदाताओं को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और आधिकारिक प्रमाण-पत्र (Certificate) देकर सम्मानित किया गया.
