अररिया समाहरणालय स्थित सभागार में चौकीदार संवर्ग से जुड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के त्वरित और पारदर्शी निष्पादन को लेकर जिला अनुकंपा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन ने की. बैठक में समिति के समक्ष चौकीदार संवर्ग के तहत अनुकंपा के आधार पर बहाली के लिए कुल 6 आवेदन प्रस्तुत किए गए थे. सभी अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों, सेवा अभिलेखों और पात्रता की गहन व बारीकी से जांच-पड़ताल के बाद समिति ने सर्वसम्मति से 5 आवेदनों को स्वीकृति देते हुए नियुक्ति की अनुशंसा कर दी है, जबकि एक अन्य मामले में नियमों के तहत अग्रतर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया.
6 आवेदनों की हुई स्क्रूटनी, 5 पर बनी पूर्ण सहमति
जिला अनुकंपा समिति ने प्रत्येक मामले का बिंदुवार परीक्षण किया:
- दस्तावेजों का सत्यापन: अभ्यर्थियों द्वारा समर्पित मैट्रिक व अन्य शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, अनापत्ति प्रमाण-पत्र और पारिवारिक उत्तराधिकार से जुड़े सभी कागजातों की वैधता की सरकारी मानकों के आधार पर जांच की गई.
- 5 नामों की अनुशंसा: समीक्षा के उपरांत 5 अभ्यर्थी सभी पात्रता शर्तों और विभागीय मानकों पर पूरी तरह खरे उतरे, जिसके बाद समिति ने उनकी अनुकंपा नियुक्ति के लिए अपनी अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी.
- एक मामले में आगे की प्रक्रिया: शेष 1 आवेदन में तकनीकी या दस्तावेजी स्पष्टता के लिए निर्धारित नियमावली के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
नियमों के शत-प्रतिशत पालन पर डीएम का जोर
बैठक के दौरान जिलाधिकारी विनोद दूहन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए:
- पारदर्शिता व संवेदनशीलता: डीएम ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों का निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को बिना किसी परेशानी के समय पर उनका वाजिब हक मिल सके.
- मानकों से कोई समझौता नहीं: उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में स्थापित सरकारी नियमों और आरक्षण रोस्टर के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
बैठक में जिले के आला प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय समिति के सभी प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे:
- उपस्थित अधिकारी: बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) अररिया, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अररिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अररिया तथा प्रभारी पदाधिकारी (जिला सामान्य प्रशाखा) समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल थे.
