अररिया में शनिवार को जमात-ए-इस्लामी हिंद की ओर से एक होटल में 'आम संबोधन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, बुद्धिजीवियों और प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया. इस दौरान संगठन के नाएब अमीर (उपाध्यक्ष) ने समकालीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार रखे.
सामाजिक सद्भाव और न्याय पर दिया जोर
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे समय में सभी नागरिकों को अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों पर दृढ़ रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि न्याय, गरिमा और सामाजिक संतुलन के लिए आपसी विश्वास और सकारात्मक सोच आवश्यक है.
मानवीय मूल्यों को बताया महत्वपूर्ण
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर नैतिक मूल्यों और मानवाधिकारों से जुड़े कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सहानुभूति, महिलाओं का सम्मान, न्यायप्रियता और कमजोर वर्गों की सुरक्षा जैसे मानवीय मूल्य समाज को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
साझी संस्कृति को मजबूत करने की अपील
उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक शक्ति आपसी भाईचारे, सह-अस्तित्व और सभी वर्गों के अधिकारों के सम्मान में निहित है. समाज के सभी वर्गों और सामाजिक नेतृत्व से उन्होंने सौहार्द और साझा सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने का आह्वान किया.
दो सूत्रीय कार्ययोजना रखी
कार्यक्रम में उन्होंने समाज के लिए दो प्रमुख सुझाव भी दिए.
- आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना, ताकि व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आए.
- आपसी एकता को बढ़ावा देना, ताकि मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित में मिलकर कार्य किया जा सके.
कार्यक्रम का समापन देश में शांति, प्रगति और मानवीय मूल्यों की रक्षा की कामना के साथ सामूहिक प्रार्थना से हुआ. इस अवसर पर जमात-ए-इस्लामी हिंद के पदाधिकारी तथा शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
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