अररिया : फारबिसगंज-खवासपुर मुख्य मार्ग पर अमहारा गांव के समीप पुल निर्माण कार्य के दौरान डायवर्सन नहीं बनाए जाने से लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. निर्माण स्थल पर करीब दो फीट पानी का तेज बहाव होने के कारण राहगीरों को पानी के बीच से होकर पैदल गुजरना पड़ रहा है. वहीं बाइक सवार और ऑटो चालक भी जान जोखिम में डालकर किसी तरह वाहन पार करने को विवश हैं.
स्थानीय लोगों ने बताया कि फारबिसगंज-खवासपुर मुख्य मार्ग शहर को पूर्वी क्षेत्र के दर्जनों गांवों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है. इसी मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग बाजार, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए फारबिसगंज शहर आते-जाते हैं.
ग्रामीणों के अनुसार अमहारा स्थित शिव मंदिर से पहले सड़क पर कुछ दिन पूर्व पुल निर्माण कार्य शुरू किया गया, लेकिन निर्माण एजेंसी की ओर से आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक डायवर्सन नहीं बनाया गया. इसके कारण निर्माण स्थल पर पानी का तेज बहाव बना हुआ है और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बच्चों, महिलाओं और मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
डायवर्सन नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी वृद्धों, बीमारों, महिलाओं, बच्चों और छात्र-छात्राओं को हो रही है. अमहारा, खवासपुर, रमई, घोड़ाघाट, खैरखां समेत आसपास के कई गांवों के लोगों का फारबिसगंज बाजार आना-जाना मुश्किल हो गया है.
ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से अविलंब सुरक्षित डायवर्सन बनाने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक पुल निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवागमन सुचारु रूप से जारी रह सके.
