19 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में तीन गिरफ्तार

जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए एसपी जितेंद्र कुमार ने एक विशेष मुहिम चलायी है. इसमें साइबर थाना में 18 अप्रैल को दर्ज कांड 19/26 के तहत एसपी के नेतृत्व में साइबर पुलिस ने महज कुछ ही घंटे में कांड का उद्भेदन करते हुए तीन साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी में जुट गयी है.

अररिया. जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए एसपी जितेंद्र कुमार ने एक विशेष मुहिम चलायी है. इसमें साइबर थाना में 18 अप्रैल को दर्ज कांड 19/26 के तहत एसपी के नेतृत्व में साइबर पुलिस ने महज कुछ ही घंटे में कांड का उद्भेदन करते हुए तीन साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी में जुट गयी है. साइबर फ्रॉड का यह मामला गत 13 अप्रैल का बताया जा रहा है. इसमें एसपी जितेंद्र कुमार ने शनिवार की देर शाम प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर इसकी जानकारी दी. एसपी ने बताया कि 13 अप्रैल को तौकिर आलम के खाता में 19 लाख रुपये अवैध रूप से क्रेडिट हुआ. उसी दिन उक्त खाता से 19 लाख रुपये की निकासी भी कर ली गयी. इसमें आवेदन प्राप्ति के बाद साइबर थाना में शनिवार 18 अप्रैल को कांड 19/26 के तहत आइटी एक्ट दर्ज किया गया. दर्ज प्राथमिकी में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी की जा रही थी. जिसमें आरोपितों में जोकीहाट थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी मो बाबर (23) पिता निजामुद्दीन, मदनपुर थाना क्षेत्र स्थित ब्राह्मण बस्ती निवासी सुमित कुमार झा पिता अमरनाथ झा व महलगांव थाना क्षेत्र के भूना वार्ड 08 काजी टोला निवासी तबरेज आलम पिता मो रफीक को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपितों के पास से 05 मोबाइल, 09 एटीएम कार्ड, 22 हजार नकद रुपये बरामद किया गया है. अनुसंधान के क्रम में गिरफ्तार आरोपितों के गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान कर उनके विरुद्ध अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है. इस छापेमारी व गिरफ्तारी टीम में साइबर थाना पुलिस में शामिल पुनि राजीव रंजन कुमार, पुअनि कुंदन कुमार, पुअनि सरोज कुमार, पुअनि मनीषा कुमारी सहित अन्य शामिल थे. मौके पर डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष रजिया सुल्ताना भी मौजूद रहीं.

म्यूल अकाउंट खुलवाकर होती है फ्रॉड राशि की निकासी व हिस्सेदारी, जांच जारी : एसपी

प्रतिनिधि, अररियासाइबर फ्रॉड से जुड़े आरोपितों की अतिरिक्त जानकारी देते हुए एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपित द्वारा लोगों को पैसों का लालच देकर पहले म्यूल अकाउंट खोलवाते हैं. इसके बाद साइबर फ्रॉड से जुड़ा राशि म्यूल अकाउंट में डालते हैं. इसके बाद मुंबई या अन्य राज्यों में बैठे साइबर अपराधी फ्रॉड से जुड़े अवैध राशि की निकासी करते हैं. बदले में दूसरे राज्यों में बैठे साइबर अपराधी गिरफ्तार आरोपितों को फ्रॉड राशि का 02 प्रतिशत कमीशन देते हैं. वहीं एसपी ने बताया कि गिरफ्तार तीनों अपराधियों के पास से जांच के क्रम में कई अन्य बैंक खाता का खुलासा हुआ है. जिसमें 98 लाख से अधिक अवैध राशि का भी फ्रॉड म्यूल अकाउंट के द्वारा किया गया. जिसकी जांच चल रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि जिनके भी नाम से म्यूल अकाउंट खुलवाया जाता है. फ्रॉड मामले में उनकी भी भागीदारी व हिस्सेदारी की पुलिसिंग जांच हो रही है.

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