भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में रविवार शाम हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है. प्रदर्शनकारियों द्वारा बाजार बंद कराने और उग्र प्रदर्शन को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर नेपाली सेना तैनात कर दी है. इसके असर से मंगलवार को भी मोरंग, विराटनगर और रंगेली सहित कई सीमावर्ती शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और बाजार पूरी तरह बंद रहे.
डीजे की आवाज से शुरू हुआ विवाद और गोलीबारी
यह पूरा विवाद रविवार शाम उस वक्त शुरू हुआ जब सप्तकोशी नदी से बोलबम के लिए पवित्र जल लाने की तैयारी चल रही थी. इस दौरान दो समूहों के बीच तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर कहासुनी हो गई.
देखते ही देखते विवाद ने उग्र हिंसक झड़प का रूप ले लिया. हालात बेकाबू होने पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें देवानगंज-4 निवासी ओम प्रकाश मेहता की मौके पर ही मौत हो गई. इस हिंसा में 9 आम नागरिक, नेपाल पुलिस के 10 जवान और सशस्त्र पुलिस बल के 5 जवान घायल हो गए.
सड़कों पर टायर जलाकर प्रदर्शन, राजमार्ग ठप
घटना के विरोध में स्थानीय लोग और हिंदूवादी संगठन सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने इनारुवा बाजार को पूरी तरह बंद करा दिया और लौकही में पूर्व-पश्चिम राजमार्ग पर टायर जलाकर यातायात ठप कर दिया.
इनारुवा-देवानगंज मार्ग पर जगह-जगह बांस-बल्ले लगाकर आवागमन रोक दिया गया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई है.
सेना की तैनाती और 5 बड़े अधिकारियों का तबादला
तनाव बढ़ता देख नेपाल के गृह मंत्रालय ने देवानगंज और संवेदनशील इलाकों में नेपाली सेना को मैदान में उतार दिया है. इसके साथ ही सर्वदलीय बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने कड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के 5 शीर्ष अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है.
तबादला किए गए अधिकारियों में मुख्य जिला अधिकारी बसुदेव घिमिरे, कोशी प्रांत पुलिस प्रमुख बिनोद घिमिरे, एसपी केशव थेबे, सशस्त्र पुलिस एसपी श्याम कुमार कार्की और डीएसपी नंदकिशोर मेहता शामिल हैं. इसके अलावा गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव भूपेंद्र थापा के नेतृत्व में 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
भारतीय सीमा पर एसएसबी की चौकसी बढ़ी
देवानगंज क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा के बिल्कुल करीब स्थित है. इसके चलते सीमा पार किसी भी संभावित खतरे या घुसपैठ को रोकने के लिए भारतीय सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और अलर्ट जारी कर दिया है.
