भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा सीमा पार होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर मंगलवार को जोगबनी बीसीपी गेट पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के अधिकारियों की समन्वय बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल बथनाहा के कमान अधिकारी नितिन कुमार गुप्ता ने की. नेपाल एपीएफ की ओर से मोरंग के एसपी गैहेन्द्र कुमार भण्डारी शामिल हुए.
साझा गश्ती और सूचना आदान-प्रदान पर जोर
बैठक में दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच बेहतर तालमेल, सीमा सुरक्षा और आपसी समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. सीमा पर साझा गश्ती बढ़ाने, सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने तथा आसूचना और महत्वपूर्ण सूचनाओं का नियमित रूप से आदान-प्रदान करने पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने सीमा पार होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए दोनों सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताया.
तस्करी और नकली भारतीय मुद्रा पर प्रभावी कार्रवाई
बैठक में तस्करी और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को लेकर भी चर्चा हुई. सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को हटाने, नकली भारतीय मुद्रा (FICN) की तस्करी पर रोक लगाने तथा सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
त्योहारों को लेकर विशेष सतर्कता
आगामी त्योहारों को देखते हुए सीमा क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने पर भी सहमति बनी. अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच तत्काल सूचना साझा की जाएगी, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.
जवानों के बीच खेल प्रतियोगिताओं पर भी जोर
बैठक में दोनों सुरक्षा बलों के जवानों के बीच समय-समय पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल और बेहतर होगा.
दोनों देशों के अधिकारियों ने जताई प्रतिबद्धता
एसएसबी की ओर से उप कमांडेंट रविकांत चौधरी, सहायक कमांडेंट शुभ्रांशु पाण्डेय, निरीक्षक सामान्य हरेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. वहीं नेपाल एपीएफ की ओर से निरीक्षक पंकज सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया. अधिकारियों ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच लगातार समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहद जरूरी है.
