आज से शुरू होगा विशेष रोगी खोज अभियान

रोगी खोज अभियान के तहत जिले के आठ प्रखंड अंतर्गत कुल 39 गांव चिह्नित

अभियान के क्रम में घर-घर जाकर आशा करेंगी कालाजार के संभावित मरीजों की खोज

अररिया. जिले में कालाजार के संभावित मरीजों की खोज के लिए शुक्रवार से विशेष रोगी खोज अभियान संचालित किया जा रहा है. ताकि कालाजार मरीजों की पहचान कर समय पर उनका उपचार सुनिश्चित कराया जा सके. इस अभियान के क्रम में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर संभावित मरीजों की खोज की जायेगी. संदिग्ध पाये जाने पर उन्हें आवश्यक जांच व उपचार की सुविधा मुहैया करायी जायेगी. इसे लेकर आशा कार्यकर्ताओं को जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है. अभियान की सफलता को लेकर विभाग द्वारा विभिन्न स्तरों पर जन जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है.

विभिन्न प्रखंडों के 39 गांव चिह्नित

कालाजार रोगी खोज अभियान के तहत सिकटी प्रखंड को छोड़ कर जिले के शेष 08 प्रखंड अंतर्गत कुल 39 गांव चिह्नित किये गये हैं. वीडीसीओ राम कुमार ने बताया कि विशेष रोगी खोज अभियान के तहत अररिया प्रखंड के 06, भरगामा के 03, फारबिसगंज के 07, जोकीहाट के 05, कुर्साकांटा के 02, नरपतगंज के 03, पलासी के 02 व रानीगंज के 11 गांव चिह्नित किये गये हैं. अभियान के क्रम में चिह्नित गांवों में कुल 09 हजार 664 घरों का सर्वे किया जायेगा. रोगी खोज अभियान में कुल 40 आशा कार्यकर्ता व 31 आशा फैसिलिटेटर को शामिल किया गया है.

जिले को कालाजार मुक्त बनाना हमारा लक्ष्य

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कालाजार के मामले बेहद सीमित हो चुके हैं. वर्ष 2007 में जहां जिले में कालाजार के 3937 मामले सामने आये थे. वर्ष 2020 में जिले में वीएल के 77 व पीकेडीएल के 21, 2021 में वीएल के 24 व पीकेडीएल के 05, 2022 में वीएल के 18 पीकेडीएल 05, 2023 में वीएल के 10 व पीकेडीएल के 02, 2024 में वीएल के 10 व पीकेडीएल के 02 मरीज मिले. वहीं 2025 में अब तक जिले में वीएल के महज 01 मरीज मिले हैं. जो जिले में कालाजार उन्मूलन अभियान की सफलता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द अररिया देश के कालाजार मुक्त जिले की सूची में शामिल होगा. जो हमारा प्राथमिक लक्ष्य भी है और हमारा संकल्प भी.

-समय पर कालाजार का उपचार जरूरी

सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि कालाजार एक संक्रामक रोग है. जो बालू मक्खी के काटने से फैलता है. यदि समय पर इसका उपचार न हो तो यह जानलेवा भी हो सकता है. अभियान के माध्यम से रोग संबंधी छिपे मामलों की पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित कराने की दिशा में जरूरी पहल की जायेगी. आमजन से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे विभागीय टीम का सहयोग करें आसपास में कोई व्यक्ति अगर लंबे समय से बुखार से पीड़ित हो, उनका वजन घट रहा हो, कमजोरी महसूस हो रही हो तो समय पर उनकी जांच व उपचार सुनिश्चित कराने में विभाग की मदद करें. 29

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By MRIGENDRA MANI SINGH

MRIGENDRA MANI SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >