अररिया के सिकटी से संजय प्रताप सिंह की रिपोर्ट:
अररिया: जिले के सिकटी प्रखंड में मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल जल’ योजना बदहाल स्थिति में नजर आ रही है. कई जगहों पर जलापूर्ति संयंत्र बंद पड़े हैं, जबकि जहां पानी की आपूर्ति हो भी रही है वहां लोगों को आयरनयुक्त पानी मिलने की शिकायत है. ऐसे में स्वच्छ और आयरन मुक्त पेयजल उपलब्ध कराने का दावा फिलहाल सिर्फ कागजों तक सीमित दिखाई दे रहा है.
सिकटी प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत राज भिरभिड़ी के वार्ड संख्या-03 में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है. स्थानीय ग्रामीण उदेश्वर पासवान, धनलाल पासवान, नीरज कुमार, सरोज कुमार समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि वर्षों से कई जलापूर्ति संयंत्र बंद पड़े हैं. वहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण कई घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें चापाकल का दूषित और लौहयुक्त पानी पीना पड़ रहा है, जिससे पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. लोगों ने बताया कि आयरन मुक्त पानी उपलब्ध कराने का दावा जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल साबित हो रहा है.
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों के अनुसार जलापूर्ति बाधित रहने की शिकायत कई बार मुखिया और पंचायत सचिव से की गई. इसके अलावा प्रखंड एवं जिला प्रशासन को भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. गर्मी के मौसम में भूगर्भ जलस्तर नीचे जाने से समस्या और गंभीर हो गई है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द बंद पड़े जलापूर्ति संयंत्रों को चालू कराने तथा नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
विभाग ने सुधार का दिया भरोसा
इस संबंध में पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता अरशद रजा ने बताया कि विभाग समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है. उन्होंने कहा कि बंद पड़े जलापूर्ति संयंत्रों की मरम्मत करायी जा रही है और संबंधित संवेदकों को जल्द जलापूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि समय पर कार्य नहीं होने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी तथा जल्द ही सभी बंद पड़े संयंत्रों से पानी की आपूर्ति शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है.
