सूख चुका है जलस्रोत, बिना पानी के खड़ी है कंक्रीट की पुलिया
पूरे मामले को लेकर जयनगर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुमन सिंह ने तकनीकी और जमीनी समस्या को उजागर किया है. उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर इस पुलिया का निर्माण पूर्व में कराया गया था, वहाँ समय के साथ भौगोलिक बदलाव आ चुके हैं. वर्तमान में उस जगह पर दूर-दूर तक पानी का कोई बहाव या जलस्रोत नहीं है. भौगोलिक स्थिति बदलने के कारण अब इस कंक्रीट की पुलिया की वहाँ कोई व्यावहारिक आवश्यकता या औचित्य नहीं रह गया है. इसके बावजूद, विभागीय उदासीनता के कारण पुलिया जस की तस खड़ी है, जो अब विकास कार्यों में सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रही है.
पहुंच पथ न होने से आम जनता को हो रही भारी फजीहत
मुखिया प्रतिनिधि सुमन सिंह ने सड़क निर्माण में आ रही दिक्कतों को रेखांकित करते हुए कहा कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण क्षेत्र की जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण केंद्र होता है. यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण अपने जरूरी सरकारी कागजात, एलपीसी, जाति-आवासीय प्रमाण पत्र और अन्य लोक सेवाओं का लाभ लेने पहुंचते हैं. ऐसे में आम लोगों के सुगम आवागमन के लिए भवन तक एक साफ-सुथरी और चौड़ी सड़क का होना अनिवार्य है. लेकिन इस अनुपयोगी पुलिया के अड़ंगे के कारण संवेदक और पंचायत प्रशासन चाहकर भी आगे का पहुंच पथ (एप्रोच रोड) और मुख्य सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं करवा पा रहे हैं, जिससे पूरी राशि और योजना अधर में लटकी हुई है.
जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से लगाई गुहार: अविलंब हटाया जाए ढांचा
समस्या के स्थाई समाधान को लेकर जयनगर पंचायत के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने अररिया जिला प्रशासन और भरगामा प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से लिखित मांग की है. जनहित और सरकारी भवन की उपयोगिता को देखते हुए इस अनुपयोगी पुलिया के ढांचे को मशीनरी की मदद से अविलंब वहाँ से ध्वस्त कर हटाया जाए. ऐसा होने से रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा और पंचायत सरकार भवन तक एक बेहतरीन और सुगम पहुंच पथ का निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जा सकेगा, जिससे पूरी पंचायत की जनता को आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी.
भरगामा (अररिया) से राष्ट्र भूषण पिंटू की रिपोर्ट:
