पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (DRUCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक समस्तीपुर स्थित मंथन सभागार में आयोजित की गई. डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता और मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक अनन्या स्मृति के संचालन में हुई इस बैठक में सीमांचल और कोसी क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार तथा नई ट्रेनों के परिचालन को लेकर कई बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई. बैठक में अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह के रेल प्रतिनिधि विनोद सरावगी ने फारबिसगंज में रेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए 'न्यू फारबिसगंज' (New Forbesganj) स्टेशन बनाने का दूरगामी प्रस्ताव रखा.
'न्यू फारबिसगंज' स्टेशन बनाने की क्यों उठी मांग?
सांसद प्रतिनिधि विनोद सरावगी ने बैठक में फारबिसगंज जंक्शन पर जगह की कमी (Space Constraint) के कारण ट्रेनों के रखरखाव, वाशिंग और परिचालन में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को प्रमुखता से रेखांकित किया:
- प्रस्तावित स्थल: फारबिसगंज और चकरदाहा हाल्ट के बीच इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप पूर्व मध्य रेलवे के स्वामित्व वाली भूमि पर 'न्यू फारबिसगंज' नाम से नया रेलवे स्टेशन विकसित किया जाए.
- आधुनिक रेल सुविधाएं: प्रस्तावित नए स्टेशन पर वाशिंग पिट लाइन (Pit Line), स्टेबलिंग लाइन, सिक लाइन, नए प्लेटफॉर्म और मालगाड़ियों के लिए आधुनिक रैक प्वाइंट बनाने का सुझाव दिया गया.
- पूर्वोत्तर से सीधा जुड़ाव: इस नए यार्ड और स्टेशन के बनने से पूर्वोत्तर भारत (North-East) से आने वाली ट्रेनें सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल के रास्ते उत्तर व पश्चिम भारत के लिए सुगमता से परिचालित हो सकेंगी.
- डीआरएम का रुख: रेल प्रशासन और डीआरएम ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति (In-principle Approval) व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला रेलवे बोर्ड (Railway Board) भेजने का आश्वासन दिया.
इन प्रमुख ट्रेनों के विस्तार और नई ट्रेनों की मांग
बैठक के दौरान सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों की सहूलियत के लिए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन व विस्तार पर भी चर्चा की गई:
- रक्सौल-जोगबनी ट्रेन (15501/02): इस द्विसाप्ताहिक ट्रेन का विस्तार अररिया-ठाकुरगंज के रास्ते न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) या गुवाहाटी होकर डिब्रूगढ़ तक करने की मांग की गई.
- दरभंगा-गुवाहाटी नई ट्रेन: दरभंगा से फारबिसगंज और ठाकुरगंज होते हुए गुवाहाटी के लिए एक नई त्रिसाप्ताहिक (Tri-weekly) ट्रेन शुरू करने का सुझाव दिया गया.
- सहरसा-फारबिसगंज रूट: सहरसा और फारबिसगंज रेलखंड पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पैसेंजर ट्रेनों के फेरे/संख्या बढ़ाने की मांग रखी गई.
रेल प्रशासन ने किया सम्मानित
बैठक के दौरान डीआरएम ने फारबिसगंज सिविल सोसाइटी द्वारा क्षेत्र में रेल विकास के लिए दिए जा रहे रचनात्मक सुझावों की सराहना की. कार्यक्रम के अंत में डीआरयूसीसी के सभी सदस्यों को रेल प्रशासन की ओर से स्मृति चिह्न (Memento) देकर सम्मानित किया गया.
