आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवकों की भूमिका अहम : डीएम
आपदा प्रबंधन में स्वयंसेवकों की भूमिका अहम : डीएम
ग्रामीणों को संभावित आपदा से सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे स्वयंसेवक
अररिया. जिले में संभावित आपदाओं से बचाव के लिये जिलाधिकारी विनोद दूहन व पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शेयर एंड मेक अवेयर की थीम पर आयोजित इस बैठक में संभावित आपदाओं से बचाव को लेकर जन जागरूकता बढ़ाने में स्वयंसेवकों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गयी. जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपदा के समय स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. स्वयंसेवकों की सक्रियता से आपदा के समय जान-माल की क्षति को बहुत हद तक कम किया जा सकता है. जिलाधिकारी ने स्वयंसेवकों को निर्देशित किया कि वे संबंधित अपने पंचायत में आयोजित होने वाले आम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लें. इस दौरान ग्रामीणों को विभिन्न आपदाओं से बचाव से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दें. ताकि आपदा के समय वे खुद से अपना बचाव करने में सक्षम हो सकें. साथ ही अपने पास-पड़ोस के लोगों तक समय पर जरूरी मदद मुहैया करा सकें. विशेष रूप से सांप काटने की घटनाओं से बचाव, बाढ़ के दौरान सतर्कता व सुरक्षा संबंधी उपाय, डूबने की घटनाओं से बचाव, आग, भूकंप व अन्य प्राकृतिक व मानव जनित आपदा से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने की अपील जिलाधिकारी ने सभी स्वयं सेवकों से की. पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि जागरूकता ही आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है. यदि ग्रामीण क्षेत्रों में समय रहते सही जानकारी उपलब्ध हो जाये तो जान-माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे सरल व व्यावहारिक तरीके से सुरक्षा उपायों की जानकारी लोगों के बीच साझा करें. संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिये समुदाय स्तर पर एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम तैयार रखें. उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार व समन्वित कार्य प्रणाली पर विशेष जोर दिया. इसके साथ ही 14 मई को संध्या 07:00 बजे से 07:10 तक आयोजित होने वाले 10 मिनट के मॉकड्रिल की सफलता को लेकर स्वयं सेवकों से अपेक्षित सहयोग की अपील की गयी.