परवाहा (अररिया) से रवीन्द्र कुमार यादव की रिपोर्ट
Lightning Strike: बिहार के सीमांचल क्षेत्र में शनिवार सुबह से जारी झमाझम बारिश जहां लोगों को भीषण उमस से राहत देकर गई है, वहीं अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड से एक दर्दनाक खबर सामने आई है. प्रखंड क्षेत्र के कोशकाकपुर दक्षिण पंचायत अंतर्गत बैरख वार्ड संख्या-2 में शनिवार की सुबह करीब 07:00 बजे मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक जोरदार वज्रपात हुआ. इस आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बहियार (खेत) में गाय चरा रहे एक स्थानीय किसान बुरी तरह झुलस गए. वहीं, उनके साथ मौजूद एक दुधारू गाय की आकाशीय बिजली के झटके से घटनास्थल पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई. इस घटना के बाद से पीड़ित पशुपालक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है.
वार्ड सदस्य की पहल पर अस्पताल में कराया गया भर्ती; स्थिति अब नियंत्रण में
- खेत में मवेशी चराने के दौरान हादसा: स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार सुबह जब आसमान में घने बादल छाए हुए थे और रिमझिम फुहारें पड़ रही थीं, तब पशुपालक रोज की तरह अपनी गाय को लेकर पास के बहियार में चराने गए थे. इसी बीच अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली सीधे उनकी गाय के ऊपर आ गिरी.
- त्वरित रेस्क्यू: वज्रपात की तेज आवाज सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे लोग और स्थानीय वार्ड सदस्य अमित कुमार सिंह तुरंत मौके पर दौड़े. वार्ड सदस्य और परिजनों ने बिना वक्त गंवाए अचेत पड़े झुलसे किसान को अपनी पीठ और स्थानीय वाहन के सहारे आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया.
- घायल की पहचान: आकाशीय बिजली की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे पशुपालक की पहचान बैरख वार्ड नंबर-2 निवासी उमानंद यादव (पिता- लखन यादव) के रूप में की गई है. चिकित्सकों द्वारा त्वरित प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक दवाएं दिए जाने के बाद उमानंद यादव की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है.
आजीविका का एकमात्र सहारा छिनने से परिवार में मायूसी; मुआवजे की मांग
प्रशासन से गुहार: इस हादसे में दुधारू गाय की अकाल मौत हो जाने के कारण पीड़ित पशुपालक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों के अनुसार, वह गाय ही इस गरीब किसान के परिवार की आजीविका और दूध के व्यापार का मुख्य जरिया थी. गाय की मौत से परिवार पर आर्थिक संकट के बादल मंडराने लगे हैं. घटना की जानकारी स्थानीय राजस्व कर्मचारी (अंचल कार्यालय) और पुलिस को दे दी गई है. वार्ड सदस्य अमित कुमार सिंह और पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग से आपदा कोष के तहत पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा (पशु क्षति राहत राशि) जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है.
मौसम विभाग की चेतावनी:
शनिवार को हुई इस घटना के बाद अंचल प्रशासन ने क्षेत्र के किसानों और चरवाहों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही अररिया सहित सीमांचल के जिलों में अगले 24 घंटों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका व्यक्त की है. प्रशासन ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि बारिश या आसमान में बिजली कड़कने के दौरान ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों और न ही खुले खेतों या बहियार में मवेशी चराने जाएं. सुरक्षित रहने के लिए तुरंत पक्के मकानों या ढके हुए स्थानों में शरण लें.
