अररिया में नए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) साहब आलम ने पदभार ग्रहण कर लिया. पदभार संभालने के बाद शिक्षा भवन स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहे और नामांकन के बाद ड्रॉपआउट की स्थिति न बने, इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर रहेगा फोकस
डीईओ ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहा है और इस दिशा में जिले में भी प्रभावी पहल की जाएगी.
शिक्षकों को दिए कई अहम निर्देश
साहब आलम ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने, नियमित रूप से पठन-पाठन कराने और विद्यालय की सभी गतिविधियों का प्रभावी संचालन करने की अपील की. उन्होंने विद्यालय परिसर और बच्चों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने को कहा.
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिक्षक अनावश्यक रूप से स्कूल समय में विभागीय कार्यालय नहीं आएं. यदि कोई आवश्यक कार्य हो तो विद्यालय अवधि समाप्त होने के बाद ही कार्यालय आएं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कोचिंग
डीईओ ने शिक्षा सेवकों को निर्देश दिया कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कोचिंग कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करें. साथ ही महिला शिक्षा केंद्रों पर महिलाओं को साक्षरता के साथ-साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी उपलब्ध कराई जाए.
सभी के सहयोग से बेहतर होगी शिक्षा व्यवस्था
उन्होंने कहा कि जिले में बेहतर शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने के लिए शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी, विद्यालय शिक्षा समिति और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है. शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और समय पर वेतन भुगतान को भी उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया.
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