संभावित बाढ़ के खतरों से निबटने की करें तैयारी: डीएम

बैठक में डीएम ने दिये कई निर्देश

-49-प्रतिनिधि, अररियाडीएम अनिल कुमार की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक सोमवार को की गयी. इसमें सभी जिलास्तरीय अधिकारी सहित वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अनुमंडल व प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति व उपलब्धियों की समीक्षा की गयी. निर्धारित समय पर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कई निर्देश दिये. सीओ को संभावित बाढ़ के खतरों को देखते हुए बाढ़ शरणस्थली के लिए ऊंचे स्थलों को चिह्नित करने व किसी आपात स्थिति से निबटने के लिए संबंधित सभी तैयारियां ससमय सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया. जिलाधिकारी संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र व संकटग्रस्त व्यक्ति समूहों की सूची तैयार करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया. बैठक में बताया गया कि अररिया जिला से संबंधित तटबंधों के कटाव निरोधक कार्य पूर्ण हो चुके हैं. जिला स्तर पर कम्यूनिकेशन प्लान तैयार कर लिया गया है. खाद्य पदार्थ सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था हेतु यथा शीध्र निविदा की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. बैठक में जिलाधिकारी ने आवश्यकता अनुसार नाव, पॉलिथीन शीट, लाइफ जैकेट, मोटरबोट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया. खराब पड़े मोटरबोट की मरम्मत शीघ्र कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया. बताया गया कि बाढ़ पूर्व तैयारी के क्रम में अररिया जिले में कुल 236 नाव परिचालन योग्य हैं, वहीं 45423 पॉलिथीन सीट, 195 लाईफ जैकेट व 10 मोटरबोट उपलबध होने की जानकारी बैठक में दी गयी. इसके अलावा बैठक में लंबित वादों के निपटारा, महिला संवाद कार्यक्रम, विकास शिविर सहित अन्य मामलों की समीक्षा की गयी.

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डेढ़ गुना सीट परिसीमन में बढाया जाना चहिए: गौतम

फारबिसगंज. आबादी के अनुकूल डेढ़ गुना सीट परिसीमन में बढाया जाना चहिए. यह बातें सोमवार को काली मेला रोड में अवस्थित राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश महासचिव सह जिप सदस्य सुपौल गौतम कुशवाहा ने पत्रकारों से कही. उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकार, परिसीमन सुधार के संकल्प को पूरा करने को ले कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा अपनी आवाज को बुलंद करने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि भारत में 2026 में परिसीमन होना है. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 82 देश में हर जनगणना के बाद परिसीमन आयोग का गठन कर लोकसभा सीट का फिर से निर्माण करने का अधिकार देता है. वहीं अनुच्छेद 1970 राज्यों में विधान सभा के निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा व संख्या तय करने का अधिकार देता है. उन्होंने कहा कि अभी तक देश में 1951, 1961, 1971 की जनसंख्या के आधार पर परिसीमन कर लोकसभा की सीटों को निर्धारित किया गया है. लेकिन 1976 में ततकालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने परिसीमन को 25 वर्षों के लिए फ्रिज कर दिया व यह रोक अगले 25 साल तक के लिये बढ़ा दिया गया, यह अवधि 2026 में पूरी होने जा रही है. मौके पर प्रदेश महासचिव रमेश मेहता, जिलाध्यक्ष विभाषचंद्र मेहता, जिला प्रधान महासचिव अंकित कुमार सिंहा, रितिक कुमार सिंहा सहित अन्य मौजूद थे.

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