बेटियों की पढ़ाई पर दें विशेष ध्यान : आचार्य

मधुलता में आर्य महासम्मेलन संपन्न

परवाहा. रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के विशनपुर पंचायत के मधुलता गांव स्थित मां मनसा मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय आर्य महासम्मेलन की समापन शुक्रवार की संध्या हो गयी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर आचार्य के अमृत वाणी को सुनकर लाभान्वित हुए. कार्यक्रम में पुरुषों के अपेक्षा महिलाओं की काफी संख्या देखी गयी. महासम्मेलन में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उपदेशिका आचार्य धर्मरक्षिता ने कहा कि आदिकाल में स्त्रियों का महत्व पशु से भी बदतर था. विधवा स्त्रियां को पति के साथ चिता पर जिंदा जला दिया जाता था. स्त्रियों को वेद पढ़ने का अधिकार नहीं था. तुलसी दास ने जो महिलाओं के विषय में पंक्ति लिखा है. वहीं शंकराचार्य ने भी स्त्रियों को नरक का द्बार बताया है. जो कहीं से भी उचित नहीं. यदि इस देश में स्त्रियों को कोई उचित सम्मान दिया है. तो वो है स्वामी दयानंद व आर्य समाज. कार्यक्रम में आचार्य पंडित वीरेंद्र शास्त्री, आचार्य विजयचंद्र आर्य, पंडित वेदवीर शास्त्री, पंडित शिशुपाल आर्य, पंडित विंदेश्वरी प्रसाद आर्य, डॉ जगदीश प्रसाद आर्य सहित कई आचार्य पंडित इस महासम्मेलन में भाग लिया. मौके पर पूर्व मुखिया सरोज कुमार मेहता, दिनेश मेहता ,नवीन मेहता, गंगा मेहता, दिलीप मेहता, उपेंद्र मेहता, प्रमोद मेहता, मनोज मेहता, नित्यानंद मेहता, वीरेन मेहता, सुरेंद्र मेहता, विकास मेहता, राजेंद्र मेहता, गुलाबचंद मेहता, सूरज कुमार सहित समस्त ग्रामीण मौजूद थे.

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Author: PRAPHULL BHARTI

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