लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद जागा विभाग, डीजीएम ने किया मुआयना
नरपतगंज बाजार क्षेत्र से गुजरने वाली एनएच की सर्विस रोड पिछले काफी समय से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. सेंट्रल बैंक के ठीक सामने और आसपास की सड़क पर जगह-जगह इतने गहरे और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं कि यहाँ से गुजरने वाले दोपहिया और तीनपहिया वाहन चालक आए दिन दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल हो रहे हैं. स्थानीय स्तर पर इसकी लगातार शिकायतें की जा रही थीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई के उप महाप्रबंधक (DGM) और एचआर (HR) सहित तकनीकी विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय टीम अचानक निरीक्षण करने नरपतगंज बाजार पहुंची. अधिकारियों ने सेंट्रल बैंक के आगे पैदल मार्च कर सड़क की जर्जर स्थिति, जलजमाव और गड्ढों का गहन जायजा लिया.
24 घंटे के अंदर काम शुरू करने का आश्वासन, जनप्रतिनिधियों ने सौंपी मांगों की सूची
अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद वार्ड पार्षद प्रतिनिधि विवेक भगत ने एनएचएआई के डीजीएम को सर्विस रोड की बदहाली से आम जनता और स्थानीय व्यापारियों को होने वाली भारी फजीहत से रूबरू कराया. उन्होंने अधिकारियों को बताया कि गड्ढों के कारण बाजार की दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है और राहगीरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है. वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ने इन गड्ढों की अविलंब (बिना किसी देरी के) मरम्मत कराने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने नरपतगंज बाजार क्षेत्र में एनएच से जुड़ी अन्य तकनीकी खामियों, जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने और सर्विस रोड की अन्य समस्याओं से भी अधिकारियों को विस्तार से अवगत कराया.
लापरवाही बरतने वाली एजेंसी पर कसी जाएगी नकेल
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुनने के बाद एनएचएआई के डीजीएम ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने मौके पर ही मौजूद संवेदक (ठेकेदार) और निर्माण एजेंसी के कर्मियों को फटकार लगाई. अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया कि अगले 24 घंटे के भीतर इस जर्जर पैच की मरम्मत और गड्ढों को भरने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता. एनएचएआई की इस त्वरित पहल के बाद नरपतगंज के लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें इस नारकीय स्थिति और रोज-रोज होने वाले हादसों से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.
नरपतगंज (अररिया) से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट:
