ब्राउन शुगर के नेपाली तस्कर को मिली सात वर्ष की सजा

एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया

अररिया. न्याय मंडल अररिया के एडीजे 01 मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने ब्राउन शुगर तस्कर युवक पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के सुनसरी जिला के इटहरी वार्ड 09 के निवासी 26 वर्षीय सरोज श्रेष्ठ पिता गोवर्धन श्रेष्ठ को 07 वर्षों का सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनायी है. 22.52 ग्राम ब्राउन शुगर बरामदगी का मामला प्रमाणित होने पर यह सजा सुनाने के साथ तस्कर पर आर्थिक दंड के रूप में एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. एनडीपीएस एक्ट के स्पेशल पीपी अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि यह सजा स्पेशल (एनडीपीएस) मुकदमा संख्या 43/2024 में सुनायी गयी है. स्पेशल पीपी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर 56 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के ई समवाय बेला की सीमा चौकी तिनखंबा में कार्यरत सहायक उपनिरीक्षक सामान्य शंभु राम सेनवर सदल बल के साथ दिनांक 17 फरबरी 2024 को की संख्या पीलर संख्या 197/04 पर गश्त दे रहे थे. इतने में एक युवक सरोज श्रेष्ठ संदिग्ध स्थिति में मिला. उससे पूछताछ करने पर उसके पैंट की बायी जेब से काले रंग की प्लास्टिक के पुड़िया में भूरा रंग का पदार्थ मिला, जो कि ब्राउन शुगर था. उसका वजन 12.52 ग्राम पाया गया. मामले को लेकर बसमतिया थाना कांड संख्या 93/2024 दर्ज किया गया. मामले में कांड अनुसंधानकर्ता के द्वारा दायर आरोप पत्र के आधार पर 25 जून 2024 को संज्ञान लिया गया. आरोप गठन के पश्चात 20 जुलाई 2024 से साक्ष्य प्रारंभ किया गया. जहां कोर्ट में सभी 05 साक्षियों ने घटना का पूर्ण समर्थन किया. गवाहों के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने आरोपित युवक को दोषी पाया. सजा के बिंदु पर सरकार की ओर से एनडीपीएस के स्पेशल पीपी अशोक कुमार मिश्रा ने अधिक से अधिक सजा देने की अपील की. जबकि बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता सह लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) के चीफ विनय कुमार ठाकुर ने कम से कम सजा देने की गुहार लगायी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने उसकी सजा मुकर्रर की.

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By MRIGENDRA MANI SINGH

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