अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट
Nagar Parishad Chairman: अररिया नगर परिषद क्षेत्र को जाम, जर्जर सड़कों और बुनियादी नागरिक सुविधाओं के अभाव से मुक्ति दिलाने के लिए स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने एक बार फिर सरकार का दरवाजा खटखटाया है. नगर परिषद अररिया के मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा ने बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के माननीय मंत्री सह अररिया जिले के प्रभारी मंत्री को एक आधिकारिक पत्र भेजा है. 06 जून 2026 (शनिवार) को जारी इस पत्र के माध्यम से मुख्य पार्षद ने जिला मुख्यालय की चार ऐसी ज्वलंत समस्याओं की ओर मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया है, जो सीधे तौर पर रोज हजारों आम नागरिकों और यात्रियों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं. मुख्य पार्षद ने प्रभारी मंत्री से अपने स्तर से विभागीय हस्तक्षेप कर इन फाइलों को गति देने की मांग की है.
CM की ‘प्रगति यात्रा’ के निर्देशों पर भी नहीं हुआ अमल; जानें पत्र के 4 मुख्य मुद्दे
- परिवहन विभाग की सुस्ती (पहला मुद्दा): मुख्य पार्षद ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष 22 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री की ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान जिलास्तरीय समीक्षात्मक बैठक में अररिया में एक आधुनिक बस स्टैंड निर्माण का मांग-पत्र सौंपा गया था. इसके आलोक में मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा 21 फरवरी 2025 को ही सचिव, परिवहन विभाग को आवश्यक कार्रवाई का कड़ा निर्देश दिया गया था, लेकिन सवा साल बीत जाने के बाद भी धरातल पर अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है.
- महिलाओं और यात्रियों की फजीहत (दूसरा मुद्दा): वर्तमान चालू बस स्टैंड परिसर में एक अदद स्थाई शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है. नगर परिषद के पास वहां अपनी स्वामित्व वाली भूमि (जमीन) उपलब्ध नहीं होने के कारण वे चाहकर भी निर्माण नहीं करा पा रहे हैं. इससे दूर-दराज से आने वाले मुसाफिरों, विशेषकर महिला यात्रियों को भारी शर्मिंदगी और परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसके लिए राजस्व विभाग से भूमि हस्तांतरण की मांग की गई है.
- श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण (तीसरा मुद्दा): अररिया आरएस (RS) स्थित ऐतिहासिक श्मशान घाट का मुद्दा भी पत्र में शामिल है, जहाँ वर्षों से पारंपरिक रूप से अंतिम संस्कार होता आ रहा है. संबंधित सरकारी विभाग से ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) न मिलने के कारण नगर परिषद इसका घेरा (बाउंड्री वॉल) और सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू नहीं कर पा रही है.
- हटिया रोड की नारकीय स्थिति (चौथा मुद्दा): शहर की सबसे व्यस्ततम व्यावसायिक सड़कों में शुमार ‘हटिया रोड’ पूरी तरह जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है. जलजमाव और धूल के कारण स्थानीय दुकानदारों व राहगीरों का जीना मुहाल है. मुख्य पार्षद ने इसे प्राथमिकता के आधार पर नए सिरे से बनवाने का आग्रह किया है.
पूर्व मंत्रियों से भी की गई थी एनओसी के लिए पैरवी
अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) का पेंच: पत्र में इस बात का भी साफ जिक्र है कि जल संसाधन विभाग की स्वामित्व वाली जमीनों पर विकास कार्य करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की खातिर पूर्व में तत्कालीन जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा और तत्कालीन जिला प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अनुरोध किया गया था, लेकिन विभागीय एनओसी की फाइलें तकनीकी पेचों के कारण सचिवालय में ही अटकी हुई हैं.
प्रभारी मंत्री से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद:
मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा ने पत्र के अंत में प्रभारी मंत्री से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि चूंकि वे स्वयं जिले के विकास कार्यों की कमान संभाल रहे हैं, इसलिए वे अपने स्तर से जल संसाधन विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक बुलाएं. इन जनहित की योजनाओं को जल्द से जल्द हरी झंडी दिलवाई जाए ताकि अररिया की जनता को जाम और नारकीय व्यवस्था से स्थाई राहत मिल सके. नगर परिषद प्रशासन अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलते ही अपनी निधि से राशि आवंटित कर श्मशान घाट और सड़कों का कायाकल्प करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
