मां दया, ममता व प्रेम की मूरत होती

स्कूल में मनाया गया मातृ दिवस

अररिया. ममता व स्नेह से भरी मां बनने की खूबसूरत यात्रा में मां का यह नाम सुनते ही एक अलग ही भाव की अनुभूति होती है. मां दया, ममता व प्रेम की मूरत होती है मां. जब मां..पहली बार अपने शिशु को गोद में लेती है, उसकी पहली मुस्कान देखती और फिर उसे पहली बार चलते हुए देखती है, तब उस मां का मन असीम आनंद से भर जाता है. कहा गया है जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी. इस कथन को साकार करते हुए आज एक मां की यात्रा कई सारी जिम्मेदारियों व चुनौतियों से भरी होती है. इस अवसर पर मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल के निदेशक डॉ संजय प्रधान ने सभी छात्रों को कहा मां व मातृभूमि स्वर्ग से भी बड़ी है. मां जीवन में एक ही बार मिलती है. इसलिए मां की सेवा करना हम सबों का परम कर्तव्य. मां जिस प्रकार अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदारियां निभाती है उसी प्रकार पुत्र-पुत्री को भी मां के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए. मां की ममता अद्भुत होती है. आवासीय छात्रों को अपने मां के प्रति अपने कर्तव्य को भी निभाने के लिए विद्यालय में इस प्रकार का संस्कार दिया जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में 50 वृद्ध माताओं को निदेशक महोदय के द्वारा मिठाई व फल देकर सम्मानित किया गया. सभी छात्रों को मातृ दिवस कि शुभकामना भी दिए. मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >