बिना गायत्री के जीवन संभव नहीं

ब्रह्मांड की सृजनात्मक शक्ति केवल गायत्री है

पलासी. प्रखंड क्षेत्र के गायत्री शक्तिपीठ सोहंदर हाट में द्वितीय वार्षिकोत्सव समारोह सह गायत्री महायज्ञ व प्रखर प्रज्ञा-सजल श्रद्धा अनावरण समारोह में 24 जोड़े प्रधान यजमानों ने यज्ञ में भाग लिया. पूज्य गुरुदेव वेदमूर्ति, तपोनिष्ट, युगॠषि पंडित आचार्य श्री राम शर्मा व वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में युग परिवर्तन के संकल्प से वातावरण गुंजायमान हो गया. संध्याकालीन कार्यक्रम में शांतिकुंज हरिद्वार मार्गदर्शन में आज के मुख्य वक्ता मायाकांत जी ने अपने प्रवचन में कहा गुरुदेव की वाणी है कि 21वीं सदी उज्ज्वल भविष्य की इशारा कर रही है. युग परिवर्तन होकर रहेगा. मनुष्य में देवत्व का उदय धरती पर स्वर्ग का अवतरण ईश्वर की योजना है. बस हमें केवल प्रयास करना है. उन्होंने कहा कि धर्म का पालन करने का अर्थ है. अपने कर्तव्य का पालन करना. ब्रह्मांड की सृजनात्मक शक्ति केवल गायत्री है. बिना गायत्री के जीवन संभव नहीं व यज्ञ बिना कोई भी जीवन साधना संभव नहीं. मौके पर धर्मनाथ झा, धनेश मंडल, राजू , नरेश, दीपक, कुमार रंजीत, किशोर, देवानंद मंडल, धनेश, राजेंद्र, देवेंद्र जायसवाल आदि ने अग्रणी भूमिका निभाई.

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By PRAPHULL BHARTI

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