जोगबनी (अररिया) से सुदीप भारती की रिपोर्ट
Transformer: बिहार के अररिया जिला अंतर्गत जोगबनी नगर परिषद क्षेत्र के इंद्रानगर वार्ड संख्या 03 से डराने वाली और व्यवस्था की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है. यहां लगा बिजली का मुख्य ट्रांसफार्मर पोल साल के बारहो महीने जलजमाव और गंदे पानी के बीच डूबा रहता है. इस घोर लापरवाही के कारण स्थानीय बिजली मिस्त्रियों (लाइनमैन) को अपनी जान हथेली पर रखकर फॉल्ट दुरुस्त करना पड़ रहा है. खासकर रात के समय जलमग्न पोल के पास जाकर काम करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है, जहां करंट लगने की आशंका के साथ-साथ विषैले जलीय जीवों का खतरा भी हर पल बना रहता है.
बीती रात जोंक काटने से मिस्त्री का पैर हुआ लहूलुहान; भीगे शरीर से करंट का खौफ
इस प्रशासनिक उदासीनता का खौफनाक खामियाजा बीती रात एक लाइनमैन को भुगतना पड़ा, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- लहूलुहान हुआ पैर: बुधवार की रात वार्ड नंबर 3 में अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई. स्थानीय उपभोक्ताओं की शिकायत पर बिजली मिस्त्री अजय मंडल रात के अंधेरे में फॉल्ट ठीक करने पहुंचे. जैसे ही वे पोल के पास जमा पानी में उतरे, उनके पैरों में दो विशाल जोंक (Leech) चिपक गईं. अत्यधिक मात्रा में खून बहने के कारण मिस्त्री का पैर पूरी तरह लहूलुहान हो गया.
- इंजीनियरिंग की बड़ी भूल: पीड़ित मिस्त्री अजय मंडल ने बिजली विभाग के ठेकेदारों और अभियंताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर इंस्टॉल करते समय मानकों को ताक पर रखा गया. बिना मिट्टी भराई कराए और धरातल को ऊंचा किए बिना ही गड्ढा खोदकर पोल गाड़ दिया गया, जो आज मुसीबत का सबब बन चुका है.
- करंट का 24 घंटे साया: मिस्त्री ने बताया कि पानी में खड़े होकर और भीगे कपड़ों के साथ एलटी-एचटी लाइनों पर काम करना बेहद डरावना है. जरा सी तकनीकी चूक या इंसुलेशन फेल होने पर मौके पर ही मौत निश्चित है, लेकिन वे सिर्फ जनता की सहूलियत के लिए यह जानलेवा जोखिम उठाते हैं.
मिस्त्रियों ने बनाई दूरी, वार्ड पार्षद ने ईओ को फोन कर लगाई मिट्टी भराई की गुहार
इंद्रानगर के इस ‘डेथ ट्रैप’ बन चुके पोल की स्थिति को देखते हुए अब बिजली विभाग के अन्य मिस्त्री भी रात के समय इस वार्ड में आने से कतराने लगे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को घंटों अंधेरे में गुजारना पड़ता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय वार्ड पार्षद विक्रम सिंह तुरंत प्रभावित स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने मौके से ही नगर परिषद जोगबनी के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) मयंक कुमार को दूरभाष पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. पार्षद ने ईओ से पुरजोर मांग की है कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए नगर परिषद मद से तत्काल इस पोल के चारों तरफ भारी मात्रा में मिट्टी और बोल्डर गिरवाकर जमीन को ऊंचा किया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके.
नगर परिषद की आगामी बैठक में उठेगा मुद्दा; यह है स्थायी समाधान
वार्ड पार्षद विक्रम सिंह ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वे नगर परिषद की आगामी सामान्य बोर्ड की बैठक में इस गंभीर मुद्दे को मुख्य एजेंडे के रूप में उठाएंगे. स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि इसका एकमात्र और स्थायी समाधान यही है कि ट्रांसफार्मर के चारों तरफ कंक्रीट का एक ऊंचा चबूतरा (प्लेटफॉर्म) बनाया जाए और वहां तक जाने के लिए एक सुरक्षित रास्ता तैयार किया जाए. जब तक धरातल ऊंचा नहीं होगा, तब तक न तो मिस्त्री सुरक्षित रहेंगे और न ही इंद्रानगर वार्ड 3 की बिजली व्यवस्था पटरी पर आ पाएगी.
