सिकटी. बच्चों में होने वाली लाइलाज व जानलेवा बीमारी मस्तिष्क ज्वर के लक्षण व बचाव के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन स्थानीय पीएचसी के सभागार में किया गया. वहीं इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया. शिविर की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अजमत राणा ने बताया कि यह बीमारी बच्चों के लिए गंभीर तो है, लेकिन जरूरी है कि एहतियात बरतने से इस बीमारी से बचा जा सकता है. इस बीमारी के लक्षण के बारे में कहा कि तेज बुखार आना, लगातार बुखार रहना, शरीर में चमकी होना, दांत पर दांत बैठना, पूरे शरीर या किसी खास अंग में ऐंठन होना, बच्चे का सुस्त होना आदि इस बीमारी के लक्षण हैं. बीमारी से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करे, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी.वहीं गर्मी के दिनों में बच्चों को ओआरएस का घोल या नींबू पानी तत्क्षण पिलाए जाने, बगीचे में गिरे हुए जूठे फल नहीं खाने की सलाह दी.
मस्तिष्क ज्वर से बचाव की दी जानकारी
बीमारी से बचाव को लेकर मच्छरदानी का करें उपयोग
