इंदौर के पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, अररिया के नरपतगंज के तीन मजदूरों की मौत, कई अब भी लापता

Indore Tragedy : मध्य प्रदेश के इंदौर में पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने बिहार अररिया के नरपतगंज में मातम पसार दिया है. हादसे में तीन मजदूरों की जलकर मौत हो गयी, जबकि कई अन्य मजदूर अब भी लापता बताये जा रहे हैं.

Indore Tragedy: अररिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट. इंदौर जिले के देवास टोंक कला स्थित इंदौर पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार को लगी भीषण आग में नरपतगंज प्रखंड के तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गयी.

हादसे के बाद शनिवार सुबह जैसे ही एक मजदूर का शव गांव पहुंचा, पूरे इलाके में कोहराम मच गया. वहीं दो अन्य मजदूरों के शव का अब भी परिजन और ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं. घटना में कई मजदूर घायल हुए हैं, जबकि आधा दर्जन से अधिक मजदूरों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है.

छह महीने पहले मजदूरी करने गये थे युवक

अररिया के फुलकाहा थाना क्षेत्र के मानिकपुर पंचायत स्थित भवानीपुर गांव निवासी धीरज कुमार, गोखलापुर पंचायत निवासी अमर कुमार राम और अमन कुमार करीब छह महीने पहले मजदूरी करने इंदौर गये थे. सभी युवक पटाखा फैक्ट्री में काम करते थे. गुरुवार को अचानक फैक्ट्री में भीषण आग लग गयी, जिसके बाद कई मजदूर आग की चपेट में आ गये.

गांव पहुंचा शव, परिवारों में मचा कोहराम

शनिवार सुबह भवानीपुर गांव निवासी 25 वर्षीय धीरज कुमार का शव गांव पहुंचा. शव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गयी. गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया. वहीं गोखलापुर पंचायत के दो अन्य मृत मजदूरों के शव का ग्रामीण और परिजन इंतजार करते नजर आये.

कई मजदूर अब भी लापता

ग्रामीणों के अनुसार भवानीपुर गांव के पांच मजदूरों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. कई अन्य मजदूर इंदौर के अस्पतालों में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है. हादसे के बाद परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.

आंखों देखा हाल सुन कांप उठे लोग

हादसे से बचकर लौटे मजदूर अंजेस कुमार पासवान ने बताया कि जिस समय फैक्ट्री में धमाके हो रहे थे, उस वक्त वहां अफरा-तफरी मच गयी थी. उन्होंने कहा कि अगर वे समय पर बाहर नहीं निकलते तो उनकी भी जान जा सकती थी. फैक्ट्री में लगातार विस्फोट हो रहे थे और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे.

गांव में पसरा मातम, प्रशासन से मदद की मांग

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से लापता मजदूरों की तलाश तेज करने और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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