Nepal Border Security: नरपतगंज (अररिया). नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका स्थित कप्तानगंज में रविवार रात हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रूप से कड़ी कर दी गई है. फुलकाहा थाना क्षेत्र से सटी सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं, जबकि नेपाल की ओर भी सेना और सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है.
सीमावर्ती गांवों में बढ़ाई गई चौकसी
मानिकपुर, कोशिकापुर, पथराहा, घुरना, बसमतिया और बेला सहित संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में 24 घंटे गश्त की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके.
सीमा पार करने वालों की हो रही सघन जांच
भारत-नेपाल सीमा पर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है. आवश्यक पहचान और दस्तावेजों की जांच के बाद ही जरूरतमंद लोगों को आवाजाही की अनुमति दी जा रही है. संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
डीएम और एसपी स्वयं कर रहे निगरानी
जिला पदाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार स्वयं सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. एसएसबी के द्वितीय कमान अधिकारी नितिन गुप्ता के नेतृत्व में सीमा सुरक्षा और मजबूत की गई है. वहीं फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य पुलिस बल के साथ लगातार गश्त कर रहे हैं.
बीएसएपी की अतिरिक्त कंपनी तैनात
सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) की अतिरिक्त कंपनी तैनात की गई है. फारबिसगंज एसडीओ अभय कुमार तिवारी और एसडीपीओ राजकिशोर कुमार ने भी देर रात तक सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
अफवाहों से दूर रहने की अपील
Nepal Border Security: प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्था की गयी है.
