घुटने भर पानी और खोखले आश्वासन, आक्रोशित ग्रामीणों ने स्टेट हाईवे 77 को किया ब्लॉक

Forbesganj Road Jam: क्या प्रशासनिक लापरवाही इतनी बढ़ सकती है कि एक मुख्य मार्ग झील बन जाए. अररिया के फारबिसगंज से आई यह चौंकाने वाली खबर आपके होश उड़ा देगी, जहां जलजमाव के कारण ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चक्का जाम कर दिया.

Forbesganj Road Jam: अररिया से मो कलीम उद्दीन की रिपोर्ट: फारबिसगंज से रानीगंज को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग स्टेट हाईवे 77 पर रामपुर दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या 04 में जलजमाव की गंभीर समस्या से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया. लंबे समय से नारकीय स्थिति का सामना कर रहे स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

झील में तब्दील हुई मुख्य सड़क, थम गए वाहनों के पहिये

फारबिसगंज-रानीगंज मुख्य मार्ग एसएच 77 इस क्षेत्र की एक बेहद महत्वपूर्ण लाइफलाइन मानी जाती है. इसके बावजूद रामपुर दक्षिण में जलजमाव के कारण यह पूरी सड़क महीनों से झील में तब्दील हो चुकी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की सी बारिश होते ही मुख्य मार्ग पर काफी दूर तक एक से डेढ़ फीट तक पानी जमा हो जाता है. स्थिति तब और भयावह हो जाती है जब सड़क पर भरा यह गंदा पानी लोगों के घरों और आंगनों में प्रवेश करने लगता है. सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और पानी भरे होने के कारण गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन बाइक सवार और पैदल चलने वाले राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं.

नमाजियों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी

इस गंभीर जलजमाव ने स्थानीय लोगों की पूरी दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर दिया है. सड़क के पूर्वी हिस्से में स्थित मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले लोगों को रोजाना इस गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा, छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में और बुजुर्गों को अपने जरूरी कामों के लिए बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हर साल बरसात के मौसम में यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई परवाह नहीं है.

प्रशासन के खोखले वादों से भड़का जनता का आक्रोश

प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के किनारे जल निकासी के लिए नाले का निर्माण नहीं कराया जाना ही इस समस्या की मुख्य वजह है. जब भी इस नरकीय स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों द्वारा आंदोलन किया जाता है, तो स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर जल्द ही नाला निर्माण का आश्वासन देकर मामला शांत करा देते हैं. हालांकि, आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. बार-बार मिलने वाले इन्हीं खोखले आश्वासनों से तंग आकर ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया. सड़क जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मनोज कुमार और अपर निरीक्षक अमित राज पुलिस बल के साथ तुरंत जाम स्थल पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने और सड़क से जाम हटाने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया है.

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Published by: Divyanshu Prashant

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