अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
Awareness Drive: चिल्चिलाती धूप, भीषण गर्मी और तेज रफ्तार से चलने वाली हवाओं के इस मौसम में अगलगी की संभावित घटनाओं और उससे होने वाले भारी नुकसान को रोकने के लिए जिला अग्निशमन कार्यालय, अररिया द्वारा एक बेहद सराहनीय पहल की गई है. जिले भर में आम नागरिकों और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए व्यापक पैमाने पर एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है. इस अभियान के तहत अग्निशमन विभाग की टीमें सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के वार्डों और महादलित टोलों में सीधे दस्तक दे रही हैं, ताकि छोटी सी लापरवाही से सुलगने वाली आग को किसी बड़े हादसे में तब्दील होने से रोका जा सके.
जीविका दीदियों के सहयोग से चौपाल लगाकर दिए जा रहे सेफ्टी टिप्स
इस विशेष सुरक्षा अभियान के क्रम में अग्निशमन विभाग के जांबाज कर्मी रंजित कुमार, दीपक कुमार, रोहित कुमार और नेहा कुमारी द्वारा विभिन्न पंचायतों का लगातार दौरा किया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाली ‘जीविका समूह’ की दीदियों के सक्रिय सहयोग से गांवों में सामूहिक चौपाल और संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है.
अग्निशमन कर्मियों ने ग्रामीणों के बीच व्यावहारिक प्रदर्शन कर आग बुझाने के तरीके सिखाए और निम्नलिखित महत्वपूर्ण कड़ियों पर विशेष ध्यान देने की अपील की:
- तारों की नियमित जांच: ग्रामीण अपने घरों और मवेशी शेड (बथान) में शॉर्ट-सर्किट से बचने के लिए बिजली के ढीले और जर्जर तारों की नियमित रूप से जांच करवाएं.
- रसोई गैस व चूल्हे की सावधानी: खाना बनाने के तुरंत बाद चूल्हे की आग को पानी डालकर पूरी तरह बुझा दें. एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर के रेगुलेटर को रात में या उपयोग के बाद अनिवार्य रूप से बंद करना न भूलें.
- ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भंडारण: सूखी घास, पुआल, केरोसिन और पेट्रोल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों को रिहायशी मकानों और मुख्य रास्तों से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर ही भंडारित करें.
“आग लगने पर भीड़ न लगाएं, तुरंत फायर ब्रिगेड को कॉल करें”
विभाग की खास सलाह: जागरूकता कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी जगह आग लगने की स्थिति में घबराकर मौके पर तमाशबीनों की तरह अनावश्यक भीड़ न लगाएं. भीड़ होने से दमकल की गाड़ियों (फायर टेंडर) को घटना स्थल तक पहुंचने में भारी कठिनाई होती है. ग्रामीणों को प्राथमिक स्तर पर पानी, बालू और बोरे की मदद से सुरक्षित तरीके से आग पर काबू पाने के गुर सिखाए गए. इसके साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में बिना समय गंवाए इसकी तत्काल सूचना जिला अग्निशमन विभाग के आपातकालीन नंबरों पर देने के लिए प्रेरित किया गया.
जान-माल की क्षति को कम करना हमारा मुख्य लक्ष्य: जिला अग्निशमन पदाधिकारी
अभियान के दौरान मौजूद अधिकारियों ने जीविका समूह की दीदियों से भी यह विशेष अनुरोध किया कि वे अपनी साप्ताहिक बैठकों में आग से बचाव के इन संदेशों को हर घर की महिलाओं तक पहुंचाएं, क्योंकि गृहणियां ही रसोई की मुख्य धुरी होती हैं.
इस संदर्भ में जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने आधिकारिक तौर पर बताया कि गर्मी के इस संवेदनशील मौसम में यह जागरूकता अभियान पूरे अररिया जिले में निरंतर और अनवरत रूप से संचालित किया जाता रहेगा. उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य केवल आग बुझाना नहीं, बल्कि जन-जागरूकता के माध्यम से ऐसी दर्दनाक घटनाओं के ग्राफ को शून्य पर लाना है, ताकि किसी भी गरीब के आशियाने को उजड़ने से बचाया जा सके और जान-माल की होने वाली क्षति को न्यूनतम किया जा सके.
