भारी संख्या में आधार कार्ड बनाने वाले उपकरण बरामद, अन्य की तलाश जारी अररिया. फारबिसगंज स्थित ज्योति होटल कॉम्पलेक्स से फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले सीएसपी संचालक सह गिरोह के सदस्य को विशेष छापेमारी के तहत गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार युवक के पास से लैपटॉप व भारी संख्या में आधार कार्ड बनाने वाला उपकरण भी बरामद किया गया है. यह कार्रवाई एसपी जितेंद्र कुमार के निर्देशन में विशेष रूप से की गई. जिसमें बताया गया कि जिले में जालसाजों व साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत दिनांक गत 04 अप्रैल को समय चार बजे साइबर थाना को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि फारबिसगंज बाजार स्थित ज्योति कॉम्पलेक्स के एक सीएसपी केंद्र के संचालक द्वारा फर्जी आधार कार्ड बनाने संबंधी कार्य किया जा रहा है. इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को देते हुए साइबर थाना पुलिस में शामिल पुअनि मनीषा कुमारी व अनमोल कुमार मंडल के साथ सूचना के सत्यापन सहित आवश्यक कार्रवाई के लिए फारबिसगंज थानाध्यक्ष मनोज कुमार से छापेमारी में सहयोग के लिए गश्ती दल के पदाधिकारी पुअनि विजय कुमार, सशस्त्र बल में अजय कुमार सिंह व हीरा कुमार सिंह के साथ फारबिसगंज बाजार स्थित ज्योति कॉम्पलेक्स के सोनू फोटोस्टेट के दुकान पर विधिवत छापेमारी किया गया. छापेमारी के दौरान दुकानदार अपने दुकान में पुलिस को आता देख अपना लैपटोप टेबल के नीचे छिपाते हुए भागने का प्रयास करने लगा. दुकानदार को पुलिस दल की मदद से पकड़कर पूछताछ की गयी तो उसने अपना परिचय नरपतगंज थाना अंतर्गत पलासी वार्ड संख्या 04 निवासी मो मोहसिन आलम उर्फ सोनू (38) पिता स्व मो नसीम बताया. पूछताछ करने के बाद उसके दुकान का तलाशी लिया गया तो उसके द्वारा छिपाया गया एक लैपटॉप, आधार फिंगर स्केनर, रेटिना स्केनर, मोबाइल, एक वेब कैमरा व हरे रंग का बैग बरामद किया गया. बरामद पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर कुल 53 पेज का आधार अपडेशन व आधार कार्ड बनाने संबंधी दस्तावेज प्राप्त हुए. दस्तावेजों पर एनरोलमेंट ऑपरेटर का नाम साईनाथ कृष्णा करमारे व रिजिस्टर एंड एनरोलमेंट एजेंसी डायरेक्टरेट ऑफ इडीसीएस एंड लोकेशन आइडी नंबर 01550.42,07430.34 अंकित पाया गया. जो किसी अन्य फर्जी व्यक्ति के नाम पर आईडी बनवाकर गिरफ्तार सेंटर मालिक द्वारा आधार अपडेशन का काम किया जाता रहा. पूछताछ में सीएसपी संचालक द्वारा बताया गया नरपतगंज थाना के पलासी वार्ड संख्या 03 निवासी सुनील कुमार पिता राजेंद्र कामत भी उसके साथ मिलकर काम करता है. पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उक्त दोनों व्यक्तियों द्वारा किसी दूसरे के आईडी, अवैध आईडी, किसी अन्य जगह अथवा दूसरे राज्य के आईडी से किसी का आधार बनाना या आधार अपडेट करना राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील व संज्ञेय अपराध है. आधार कार्ड अपडेशन उपकरण में लैपटॉप, आधार फिंगर स्केनर, रेटिना स्केनर, मोबाइल, एक वेब कैमरा, 53 पेज के आधार अपडेशन व आधार कार्ड बनाने संबंधी अवैध दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा, एक सदस्य गिरफ्तार
एक अन्य की तलाश जारी
