स्टील प्लांट हादसे में कुर्साकांटा के इंजीनियर गोल्ड कुमार ने गंवाई जान, परिवार में कोहराम

Vizag Steel Plant Accident: अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड के लिए एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. विशाखापत्तनम (विजाग) स्थित स्टील प्लांट में सोमवार को हुए एक भीषण हादसे में कुआड़ी गांव के निवासी और बीआईटी सिंदरी के पासआउट मेटालर्जिकल इंजीनियर गोल्ड कुमार की असामयिक मौत हो गई है.

कुर्साकांटा (अररिया) से दिलीप कुमार सिंह की रिपोर्ट

Vizag Steel Plant Accident: बिहार के सीमांचल के होनहार युवाओं के असमय काल के गाल में समा जाने का एक बेहद हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है. अररिया जिला अंतर्गत कुर्साकांटा प्रखंड के कुआड़ी (वार्ड संख्या-07) निवासी और विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में कार्यरत वरिष्ठ इंजीनियर गोल्ड कुमार (पिता- चंद्रदीप साह) की सोमवार को ड्यूटी के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. हादसे की आधिकारिक सूचना जैसे ही उनकी पत्नी स्वाति कुमारी ने अररिया स्थित पैतृक आवास पर दी, पूरे गांव में चीख-पुकार और मातमी सन्नाटा पसर गया. दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ जाने से बूढ़े माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है.

20 दिन पहले ही सपरिवार आए थे घर; पूर्णिया मायके में छोड़ा था पत्नी-बच्चों को

मृतक गोल्ड कुमार के पारिवारिक सूत्रों और भाई चंदन सोनी ने ग्राउंड जीरो पर रोते हुए बताया कि गोल्ड करीब 20 दिन पहले ही छुट्टियों में अपनी पत्नी स्वाति और दो छोटी बेटियों कृति (5 वर्ष) व माया (2 वर्ष) के साथ गांव आए थे. गांव में कुछ दिन सुखद समय बिताने के बाद, वे अपनी पत्नी और बच्चों को पूर्णिया स्थित उनके मायके (ससुराल) छोड़ कर अकेले विशाखापत्तनम अपनी ड्यूटी पर लौटे थे. बिलखते परिजनों ने कहा कि, “अगर हमें तनिक भी आभास होता कि हमारा बेटा अब कभी जिंदा लौटकर घर नहीं आएगा, तो हम उसे किसी भी कीमत पर ड्यूटी पर वापस जाने नहीं देते.”

स्कूल टॉपर से लेकर कुशल क्रिकेटर तक: ऐसा रहा गोल्ड का सफर

  • मेधावी छात्र और स्कूल टॉपर: गोल्ड बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे. उन्होंने वर्ष 2002 में राजकीयकृत उच्च विद्यालय कुआड़ी से मैट्रिकुलेशन (10वीं) की परीक्षा में पूरे स्कूल में टॉप कर अपने परिवार का नाम रोशन किया था. इसके बाद उन्होंने बीआईटी सिंदरी (BIT Sindri) जैसी प्रतिष्ठित संस्था से बीटेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की.
  • क्रिकेट के प्रति अटूट प्रेम: शुरुआती दिनों में गोल्ड एक प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने का ख्वाब देखते थे. इंजीनियर बनने के बाद भी खेल के प्रति उनका जज्बा कम नहीं हुआ था. विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हाल ही में आयोजित तीन दिवसीय अंतर-विभागीय क्रिकेट टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 रन बनाए थे, जिसके लिए उन्हें ‘बेस्ट स्ट्राइकर’ के कड़े अवॉर्ड से भी नवाजा गया था.
  • 10 वर्षों का कार्य अनुभव: बड़े भाई चंदन सोनी ने बताया कि इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद गोल्ड की पहली पोस्टिंग ओडिशा में हुई थी. इसके बाद पिछले 10 वर्षों से वे विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में अपनी सेवाएं दे रहे थे.

शव को अररिया लाने की कवायद तेज; विजाग के लिए रवाना हुए परिजन

नाते-रिश्तेदारों का लगा तांता: गोल्ड कुमार अपने मिलनसार, गंभीर और बेहद मेहनती स्वभाव के लिए पूरे कुर्साकांटा प्रखंड में जाने जाते थे. जब भी वे छुट्टी पर घर आते थे, अपने बचपन के दोस्तों और एक-एक नाते-रिश्तेदार से व्यक्तिगत रूप से मिलना कभी नहीं भूलते थे. उनकी मौत की खबर सुनकर उनके दरवाजे पर सांत्वना देने वाले ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है.

आधिकारिक जांच और शव लाने की प्रक्रिया:

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट प्रशासन की ओर से अभी तक हादसे के कड़े तकनीकी कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत रिपोर्ट जारी नहीं की गई है. इधर, घटना के बाद मृतका की पत्नी स्वाति कुमारी दोनों बच्चों को लेकर पूर्णिया से विशाखापत्तनम के लिए रवाना हो चुकी हैं.

वहीं, गोल्ड के दो अन्य भाई दीपक सोनी, अमित सोनी और उनके साले मोनू कुमार भी शव के पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए हवाई मार्ग (फ्लाइट) से विशाखापत्तनम पहुंच रहे हैं. शोक संतप्त परिवार और ग्रामीण वर्तमान में शव को विमान के जरिए उनके पैतृक गांव कुआड़ी लाने की व्यवस्था में जुटे हैं, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

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By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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