मांगों को लेकर शिक्षा सेवकों ने किया प्रदर्शन

अपनी मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा

शिक्षक पद पर समायोजन व राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग अररिया. बिहार सरकार द्वारा संचालित महादलित, दलित व अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर अंचल योजना में कार्यरत जिले भर के तालीमी मरकज व टोला सेवक ने सोमवार को जिला निबंधन कार्यालय स्थित धरनास्थल पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. धरना के बाद इनके एक शिष्टमंडल ने डीएम को एक मांग पत्र सौंपा. धरना पर बैठे शिक्षासेवक ने बताया कि 17 वर्षों के शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्य अनुभव के आधार पर शिक्षक के पद पर समायोजन व राज्यकर्मी का दर्जा दिलाने को लेकर इस धरना का आयोजन किया गया है. सभी ने बताया कि हमलोग सभी महादलित, दलित व अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं. सरकार ने हमलोगों की स्थिति को देखते हुए शिक्षा सेवक बनाया. लेकिन 17 साल बीत जाने के बाद भी हमलोगों को न तो शिक्षक का दर्जा मिला व न ही वेतन. ऐसे में हमलोग कम रुपये मिलने के कारण आर्थिक रूप से परेशान हैं. जबकि हमलोग स्कूलों में बच्चों को शिक्षक की तरह ही पढ़ाते हैं. ऐसे में शिक्षासेवक का साथ ये भेदभाव क्यों किया जा रहा है. डीएम के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपा है, इस धरना में संघ के जिलाध्यक्ष मो सरताज आलम, सचिव सुशील कुमार रजक के अलावे अन्य शिक्षा सेवक मौजूद थे.

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By RAHUL KUMAR SINGH

RAHUL KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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