प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय: जिलाधिकारी
जनता दरबार में आए लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि आम जनता की जायज समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित, पारदर्शी और नियमसंगत तरीके से समाधान सुनिश्चित कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
उन्होंने कड़े लहजे में विभागीय अधिकारियों को चेतावनी दी कि आम लोगों को अपने छोटे-छोटे काम और न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. जनता दरबार से भेजे जा रहे आवेदनों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
जमीन विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामले छाए रहे, इन फरियादियों ने लगाई न्याय की गुहार
इस बार के जनता दरबार में मुख्य रूप से राजस्व, भूमि सुधार, अवैध कब्जा और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों की बहुलता रही. जिलाधिकारी के समक्ष मुख्य रूप से निजी जमीन पर दबंगों से दखल कब्जा दिलाने, सरकारी अमीन द्वारा भूमि मापी कराने, अवैध जमाबंदी रद्दीकरण, नामांतरण (मोटेशन) पर रोक लगाने, बंदोबस्ती भूमि का पर्चा निर्गत करने, बासगीत पर्चा दिलाने, सार्वजनिक रास्तों से अतिक्रमण हटाने और पूर्व में जारी सरकारी आदेशों के अनुपालन से जुड़ी गंभीर शिकायतें प्राप्त हुईं.
प्रमुख शिकायतकर्ताओं का विवरण:
- आलोक कुमार विश्वास: इन्होंने अपनी निजी रैयती भूमि पर असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए अवैध दखल को खाली कराकर कब्जा दिलाने की मांग जिलाधिकारी से की.
- महारानी देवी: इन्होंने एक विवादित भूखंड के अवैध नामांतरण (मोटेशन) की प्रक्रिया पर अविलंब रोक लगाने की गुहार लगाई.
- वीरेंद्र कुमार व जय राम ऋषि देव: इन दोनों भूमिहीन फरियादियों ने पूर्व में स्वीकृत बंदोबस्त जमीन का आधिकारिक पर्चा जल्द से जल्द निर्गत करने का अनुरोध किया.
- विनोद ऋषि देव: इन्होंने अपनी पैतृक भूमि की सरकारी मापी कराने में आ रही बाधाओं के संबंध में शिकायत दर्ज कराई और साथ ही एक अन्य मामले में विपक्षी दल की गलत जमाबंदी को रद्द करने का कानूनी अनुरोध जिलाधिकारी के समक्ष रखा.
जिलाधिकारी ने इन सभी विशिष्ट आवेदनों को संबंधित अंचलाधिकारी (CO), भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) और थाना प्रभारियों को अग्रसारित करते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.
अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट:
