अररिया में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज: 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू

अररिया में 2027 की जनगणना के लिए जिला जनगणना हस्त-पुस्तिका (DCHB) निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 16 से 20 जुलाई तक फील्ड कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, जिसके बाद 1 अगस्त से महा-सर्वेक्षण शुरू होगा.

भारत की जनगणना 2027 के सफल संचालन के तहत जिला जनगणना हस्त-पुस्तिका (DCHB) के निर्माण की प्रशासनिक प्रक्रिया अररिया में तेज हो गई है. जिला पदाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी विनोद दूहन के दिशा-निर्देशन में डीआरडीए (DRDA) सभागार में नामित फील्ड फंक्शनरी का पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है. इस व्यापक प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के सभी गांवों और सांविधिक नगरों की आधारभूत परिसंपत्तियों व नागरिक सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों का पूरी तरह त्रुटिरहित और गुणवत्तापूर्ण संकलन सुनिश्चित करना है.

राष्ट्रीय महत्व का दस्तावेज है जिला जनगणना हस्त-पुस्तिका: अपर समाहर्ता

इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अपर समाहर्ता (एडिशनल कलेक्टर) अनिल कुमार झा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया.

सत्र को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि जिला जनगणना हस्त-पुस्तिका केवल एक सांख्यिकीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय महत्व का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दस्तावेज है. यह पुस्तिका जिले की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और आधारभूत संरचना की एक प्रमाणिक और वास्तविक तस्वीर देश के सामने प्रस्तुत करती है. इसलिए, सर्वेक्षण में लगे सभी क्षेत्रीय कर्मियों को पूरी निष्ठा, गंभीरता और विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत पालन करते हुए इस कार्य को अंजाम देना चाहिए.

1 अगस्त से शुरू होगा महा-सर्वेक्षण, जानें पूरा शेड्यूल

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जनगणना के इस प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरण की समय-सारणी इस प्रकार तय की गई है:

  • प्रशिक्षण की अवधि: डीआरडीए सभागार में फील्ड कर्मियों का यह तकनीकी प्रशिक्षण 16 जुलाई से 20 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है.
  • फील्ड सर्वे की तारीख: प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी नामित कर्मी 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक पूरे जिले में घर-घर और स्थल पर जाकर फील्ड सर्वेक्षण का कार्य करेंगे.
  • मुख्य प्रशिक्षक: यह तकनीकी प्रशिक्षण 'जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार (पटना)' द्वारा विशेष रूप से नामित मास्टर ट्रेनर पंकज कुमार एवं राजीव कुमार सिंह द्वारा दिया जा रहा है.

मोबाइल ऐप से होगा डेटा संकलन, व्यावहारिक अभ्यास पर जोर

बदलते डिजिटल दौर में इस बार की जनगणना में तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा क्षेत्रीय कर्मियों को विशेष रूप से तैयार किए गए मोबाइल एप्लिकेशन (Mobile App) को ऑपरेट करने की तकनीकी जानकारी दी जा रही है.

इसके तहत गांवों और शहरों में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं (जैसे पेयजल, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र) और सरकारी व निजी आधारभूत परिसंपत्तियों के आंकड़ों को ऐप में ऑनलाइन दर्ज करने, उनका डिजिटल सत्यापन (वेरिफिकेशन) करने और जियो-टैगिंग की बारीकियां सिखाई जा रही हैं.

वरीय अधिकारियों ने बताया कि जिला जनगणना हस्त-पुस्तिका का प्रकाशन पूरी तरह विश्वसनीय, पारदर्शी और त्रुटिरहित रूप में सुनिश्चित हो, इसके लिए प्रशिक्षण में कागजी ज्ञान के साथ-साथ मोबाइल ऐप पर व्यावहारिक अभ्यास (लाइव डेमो) पर विशेष जोर दिया जा रहा है. यह डिजिटल दस्तावेज भविष्य में जिले के लिए बनने वाली कल्याणकारी विकास योजनाओं और नीति निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार बनेगा.


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