चार दिनों से लापता किशोर का मिला शव

परिजनों ने किया रोड जाम

चाकू से हत्या करने व तेजाब डालने का परिजनों ने लगाया आरोप अररिया. नगर थाना क्षेत्र के कुसियारगांव स्थित वन विभाग के जंगल में चार दिन से लापता 10 वर्षीय किशोर तौसीफ का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गयी. यह घटना के बारे में रविवार 27 जुलाई को उस समय पता चला जब एक मवेशी लेकर गये चरवाहे ने जंगल से दुर्गंध आने की सूचना स्थानीय लोगों को दी. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग व मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे. जहां तौसीफ का शव सड़ी-गली अवस्था में पाया गया. शव की पहचान नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसियारगांव स्थित आजमनगर वार्ड संख्या 01 निवासी मो कमरुल के पुत्र तौसीफ के रूप में हुई. इस घटना ने परिजनों व स्थानीय लोगों आक्रोशित हो गये. घटना की सूचना नगर थाना पुलिस को दी गयी लेकिन पुलिस एक घंटे तक घटनास्थल पर न पहुंचने से गुस्साये आक्रोशित परिजनों व स्थानीय लोगों ने एनएच 57 हाइवे को जाम कर विरोध-प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने किशोर की हत्या की आशंका जताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

क्या है मामला

नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसियारगांव स्थित आजमनगर वार्ड संख्या 01 निवासी मो कमरुल के 10 वर्षीय पुत्र तौसीफ गत 24 जुलाई गुरुवार को अपने घर से दोपहर 2:30 बजे से लापता है. परिजनों के अनुसार तौसीफ को आसपास के क्षेत्रों, रिश्तेदार व अन्य जगह में काफी खोजबीन की गयी. लेकिन उसका कहीं भी अता-पता नहीं चल सका. इसके बाद नगर थाना में परिजनों ने तौसीफ के लापता होने की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करायी. नगर थाना पुलिस को सूचना मिलने पर भी एक घंटे से ज्यादा विलंब से पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर सड़क जाम कर दिया. जिस कारण अररिया-पूर्णिया एनएच 57 हाइवे पर दोनों तरफ से करीब चार किलोमीटर जाम 02 से तीन घंटा लगा रहा. जिससे बस, ट्रक सहित आने-जाने वालों राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. इस दौरान एंबुलेंस वाहन भी जाम में घंटों फंसे रहे. पुलिस के पहुंचने पर पीड़ित परिवार व स्थानीय लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत किया गया व एनएच 57 हाइवे पर सड़क जाम हटवाकर यातायात बहाल कराया गया. मृतक तौसीफ के पिता मो कमरुल ने अपने बेटे की हत्या की आशंका जतायी है.

वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाये गये हैं. परिजनों ने कहा कि वन विभाग का जंगल चारों ओर से कांटेदार जाल से घिरा है. साथ ही वहां हर समय वन विभाग पुलिस रहती है. फिर भी उनके बेटे का शव 04 दिन बाद मिलना संदेहास्पद है. इधर इस घटना ने क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोग व परिजन इस मामले में निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. मृतक किशोर की मौत ने पूरे गांव व आसपास में क्षेत्रों को झकझोर कर रख दिया है. घटनास्थल पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भागलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा है. नगर थाना पुलिस में शामिल अपर थानाध्यक्ष पुअनि संजीव कुमार, पुअनि कुमार ऋषिराज सहित सदल बल मौजूद थे.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सुलझेगी गुत्थी

चार दिन बीत जाने के कारण किशोर का शव काफी बुरी तरह से सड़-गल गया है. शव को उठाने के दौरान भी शरीर के कई हिस्से खुद ब खुद अलग होने लगे. जिसमें शव के काफी सड़ने-गलने के कारण शव को भागलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. शव की स्थिति को देखकर किशोर की हत्या में चाकू का प्रयोग व तेजाब डालने का परिजनों का आरोप है. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

संजीव कुमार, अपर थानाध्यक्ष, नगर थाना अररिया.

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