मूल अभिलेखों को गायब करने के मामले में नामजद गिरफ्तार

पूर्व में भी हो चुकी है प्राथमिकी दर्ज

एमटीएस कर्मी से पांच लाख में हुई थी सेटिंग रजिस्ट्री ऑफिस में मूल दस्तावेज नहीं है सुरक्षित अररिया. जिला अवर निबंधन कार्यालय में मूल अभिलेख के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी कागजात मामले में पुलिस ने एक नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अभियुक्त ने पुलिस को पूछताछ में कई अहम राज खोले है. पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों ने कार्यालय में कार्यरत एमटीएस कर्मी को पांच लाख रुपये देकर मूल अभिलेख को बदला गया था. एसपी अंजनी कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ सुशील कुमार के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया था. अनुसंधान के क्रम में केवाला संख्या 10272 में 03 व्यक्तियों का नाम अंकित था. प्राथमिकी अभियुक्त सोनु उर्फ सनाउल्लाह शेख व अन्य अभियुक्तों द्वारा जिला निबंधन कार्यालय के कर्मी के साथ मिलकर कुटरचित कर अभिलेख संख्या 10272, जिल्द संख्या-65, पृष्ठ संख्या 344 से 346 वर्ष, 1960 को बदल दिये जाने का मामला सही पाया गया. जिसके बाद छापामारी दल द्वारा एक अभियुक्त जोकीहाट के तूरकैली निवासी सनाउल्लाह शेख उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया है. एसपी अंजनी कुमार ने बताया कि नगर थाना में एक केस दर्ज हुआ था, जिसमें बताया गया था कि रजिस्ट्री में ऑफिस में कर्मी की मिलीभगत से मूल अभिलेख को बदल दिया गया था. इसको लेकर पुलिस को पहले से अंदाजा था कि बिना कर्मी की मिलीभगत से यह संभव नहीं है. इस मामले में सनाउल्लाह उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार सनाउल्लाह से पूछताछ करने पर बताया गया कि एमटीएस के रूप में कार्यरत रोहित रंजन व अन्य कर्मी की मिली भगत से मूल कागजात को अपने फायदे के लिये बदल दिया गया. मूल कागजात में तीन लोगों के नाम थे, सनाउल्लाह ने तीन में से दो लोगों के नाम हटा दिया, सिर्फ अपने ही परिवार का नाम रहने दिया जिससे जमीन पूर्णतया उनके नाम हो पाये. एसपी ने बताया कि इस तरह की घटना पहले भी अररिया थाना में दर्ज हुई है, सभी का पैटर्न एक जैसा है, सभी में मूल दस्तावेज को बदल दिया गया. रजिस्ट्री नंबर वही है लेकिन दस्तावेज बदल दिया गया, नंबर वहीं है, खरीददार व विक्रेता का नाम बदल दिया गया था. रजिस्ट्री ऑफिस में कार्यरत एमटीएस को इस कार्य के 05 लाख रुपये देने की बात सामने आयी है, फरार अभियुक्त के विरुद्ध छापेमारी की जा रही है. एसपी ने बताया कि केस कराने वाले वादी भी संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसकी भी जांच चल रही है. छापेमारी टीम में नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक, अपर थानाध्यक्ष सह कांड के अनुसंधानकर्ता संजीव कुमार समेत अन्य पुलिस बल शामिल थे.

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