Araria News: अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट . अररिया टोल प्लाजा पर उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब प्रसिद्ध साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु के परिवार के सदस्यों के साथ कथित तौर पर टोल कर्मियों ने अभद्र व्यवहार कर दिया. घटना के बाद रेणु परिवार ने इसे न सिर्फ अपमानजनक बताया, बल्कि इसे आम यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार का संकेत भी करार दिया.
परिवार के अनुसार वे निजी वाहन से पूर्णिया की ओर जा रहे थे, तभी टोल प्लाजा पर स्थानीय नंबर की गाड़ी को रोक लिया गया. इसी दौरान पहचान बताने और पूर्व विधायक से बात कराने की सलाह देने पर विवाद बढ़ गया.
बहस से बढ़ा मामला
परिजनों का आरोप है कि टोल कर्मियों ने न सिर्फ बात सुनने से इनकार किया, बल्कि कैमरा ऑन कर वीडियो वायरल करने जैसी बातें भी कहीं. इस पूरे घटनाक्रम ने मौके पर तनाव का माहौल पैदा कर दिया.
रेणु परिवार के सदस्य दक्षिणेश्वर प्रसाद राय ‘पप्पू’ ने इसे मानसिक रूप से आहत करने वाला अनुभव बताया और कहा कि जिस परिवार का देश के साहित्य और स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा जुड़ाव रहा है, उसके साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
प्रशासनिक हस्तक्षेप, जांच के आदेश
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ. अररिया जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने की बात कही है. अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
जिला प्रशासन का कहना है कि टोल प्लाजा पर सेवा नियमों और यात्रियों के सम्मान का पालन हर हाल में जरूरी है.
“स्थानीय गाड़ियों से वसूली पर सवाल”
रेणु परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय नंबर वाली गाड़ियों से टोल वसूली को लेकर पहले भी शिकायतें रही हैं, लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इस मुद्दे ने एक बार फिर टोल संचालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
परिजनों ने मांग की है कि दोषी कर्मियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और स्थानीय वाहनों के नियमों को स्पष्ट किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
इस घटना ने न सिर्फ टोल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि सामाजिक सम्मान और व्यवहार की संवेदनशीलता पर भी नई बहस छेड़ दी है.
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