Indore Factory Blast: अरारिया के नरपतगंज से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट. अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के तीन मजदूरों की इंदौर स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए अग्निकांड में मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. नरपतगंज की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ममता कुमारी ने मानिकपुर और गोखलापुर गांव पहुंचकर मृतक मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली. हादसे में आधा दर्जन मजदूरों के लापता होने की बात भी सामने आ रही है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है.
मानिकपुर और गोखलापुर में पसरा गम
घटना की सूचना मिलते ही दोनों गांवों में मातम का माहौल बन गया. रविवार सुबह से ही मृतक मजदूरों के घरों पर लोगों की भीड़ जुटी रही. ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित लगातार पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंचते रहे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में हर तरफ सिर्फ इसी हादसे की चर्चा होती रही.
श्रम विभाग जुटा जानकारी एकत्र करने में
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ममता कुमारी ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना प्राप्त हो चुकी है. नरपतगंज के जिन मजदूरों की मौत हुई है, उनके सभी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी. साथ ही जो मजदूर अब भी लापता हैं, उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है ताकि प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सके.
रोजी-रोटी कमाने गए थे दूसरे राज्य
स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक मजदूर रोजगार की तलाश में मध्य प्रदेश गए थे और इंदौर की पटाखा फैक्ट्री में काम कर रहे थे. अचानक हुए अग्निकांड ने परिवारों की जिंदगी बदल दी. कई परिवारों का मुख्य सहारा खत्म हो जाने से आर्थिक संकट भी गहरा गया है.
राहत और मुआवजे की उठी मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने सरकार से मृतक परिवारों को उचित मुआवजा देने और लापता मजदूरों का जल्द पता लगाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था होनी चाहिए.
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