अररिया की बच्ची को मिला नया परिवार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पश्चिम बंगाल के दंपति को सौंपा गया

अररिया जिले में गुरुवार को एक बच्ची को नया परिवार मिला. अंतिम दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे पश्चिम बंगाल के एक दंपति को विधिवत सौंप दिया गया. यह जिला प्रशासन की ओर से बच्चों के सुरक्षित पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

Araria News: अररिया जिले के विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान में रह रही एक बच्ची को गुरुवार को नया परिवार मिल गया. अंतिम दत्तक ग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे पश्चिम बंगाल के एक दंपति को विधिवत सौंप दिया गया. यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों और आवश्यक औपचारिकताओं के तहत संपन्न कराई गई.

जिला प्रशासन की उपस्थिति में संपन्न हुई इस प्रक्रिया को बच्चे के सुरक्षित पुनर्वास और उसके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

कानूनी प्रक्रिया के बाद सौंपी गई बच्ची

दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की उपस्थिति में संपन्न हुई. अधिकारियों ने बताया कि बच्ची को नए अभिभावकों को सौंपने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजी और कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया.

प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्ची को पश्चिम बंगाल के दंपति के संरक्षण में विधिवत सुपुर्द कर दिया गया.

जिलाधिकारी ने बताया महत्वपूर्ण कदम

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि दत्तक ग्रहण बच्चों के सुरक्षित पुनर्वास और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को दत्तक ग्रहण के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, स्नेह, सुरक्षा और बेहतर जीवन जीने का अवसर मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन बच्चों के हितों की रक्षा और उनके समुचित पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

जिला बाल संरक्षण इकाई भी रही मौजूद

कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे.

सभी अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित नियमों के अनुरूप दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई.

Araria News: बच्चों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों के अनुसार दत्तक ग्रहण उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होता है जिन्हें पारिवारिक संरक्षण की आवश्यकता होती है. ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना बच्चे के अधिकारों और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है.

प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी पात्र बच्चों के सुरक्षित और कानूनी पुनर्वास की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा.

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By Pankaj jha

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