Araria Cyber Fraud: अररिया जिले में साइबर अपराधियों के नेटवर्क से जुड़े म्यूल अकाउंट का बड़ा मामला सामने आया है. पटना स्थित साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई से मिली सूचना के आधार पर अररिया साइबर थाना पुलिस ने पांच खाताधारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम जमा करने और उसे अन्य खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया. फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच जारी है.
पांच खाताधारकों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
साइबर थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक कुंदन कुमार के आवेदन पर एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार ठगी की रकम पहले इन खातों में जमा कराई गई और फिर उसे अलग-अलग खातों में भेज दिया गया. जांच एजेंसियों को आशंका है कि खाताधारकों के साइबर गिरोह से संबंध हो सकते हैं.
छह राज्यों से भेजी गई ठगी की रकम
प्राथमिक जांच में पता चला कि खातों में अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की राशि भेजी गई थी.
- अररिया शहर के चित्रगुप्त नगर निवासी अनुप्रिया के खाते में आंध्र प्रदेश से राशि आई.
- मंटू कुमार यादव के खाते में बिहार, झारखंड और गुजरात से रकम भेजी गई.
- सिकटी के आमगाछी निवासी शबनम खातून के खाते में हरियाणा के फरीदाबाद से ट्रांजैक्शन हुआ.
- उफरैल निवासी सुनील कुमार मंडल के खाते में अरुणाचल प्रदेश से राशि भेजी गई.
- ठेंगापुर निवासी जूही कुमारी के खाते में रानीगंज से पैसे ट्रांसफर किए गए.
पुलिस सभी बैंक खातों के लेनदेन और केवाईसी दस्तावेजों की जांच कर रही है.
क्या होता है म्यूल अकाउंट
Araria Cyber Fraud: साइबर पुलिस के अनुसार अपराधी नौकरी, निवेश, ट्रेडिंग या लोन का झांसा देकर लोगों से उनके बैंक खाते हासिल कर लेते हैं. ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है. साइबर ठगी से प्राप्त रकम पहले इन्हीं खातों में जमा होती है और फिर तुरंत कई अन्य खातों में भेज दी जाती है, जिससे पैसे का वास्तविक स्रोत छिप जाता है.
पुलिस की अपील
साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी या पासवर्ड उपलब्ध न कराएं. कमीशन या नौकरी के लालच में बैंक खाता किसी के इस्तेमाल के लिए न दें. यदि खाते से कोई संदिग्ध लेनदेन हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें.
और पढ़ें : बरसात में डूब रहा कुर्साकांटा, जलनिकासी नहीं बनी तो बढ़ी लोगों की मुश्किलें
