अररिया जिले में वर्षों से लंबित भूमि विवादों के स्थायी समाधान और राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. अब भू-विवादों का समाधान केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक मामले का निपटारा वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप इस तरह किया जाएगा कि भविष्य में उसी विवाद की पुनरावृत्ति न हो.
भू-विवादों का होगा निष्पक्ष और स्थायी निपटारा
समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार में 'राजस्व महा अभियान' एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक भू-विवाद का निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून सम्मत समाधान सुनिश्चित किया जाए.
डीएम ने स्पष्ट किया कि मामलों का निष्पादन इस प्रकार हो जिससे आम जनता को त्वरित और वास्तविक राहत मिले और एक ही विवाद बार-बार प्रशासन के सामने न आए.
सरकारी जमीन से जल्द हटेगा अतिक्रमण
लोक भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जिले के सभी अंचलों में विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों के भूमि अधियाचन से जुड़े लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की रणनीति बनाई गई है.
म्यूटेशन और परिमार्जन प्लस के मामलों में आएगी तेजी
आम जनता को राहत देने और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाने के लिए:
- दाखिल-खारिज (Mutation) व परिमार्जन प्लस: लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन प्रखंडवार समीक्षा कर सुनिश्चित करने को कहा गया है.
- राजस्व न्यायालय: एलसीआर (Land Case Record) को बिना किसी अनावश्यक देरी के संबंधित न्यायालयों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आ सके.
शनिवारीय जनता दरबार की होगी नियमित मॉनिटरिंग
अंचल स्तर पर आयोजित होने वाले शनिवारीय जनता दरबार की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाएगी. जिलाधिकारी ने वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंचल स्तर पर निपटाए गए मामलों की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करें. उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य केवल आवेदन जमा करना नहीं, बल्कि लोगों को वास्तविक और स्थायी न्याय दिलाना है.
पारदर्शिता, जवाबदेही और जातिगत प्रतिवेदन पर निर्देश
राजस्व प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिए सभी अधिकारियों को समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाने और पारदर्शिता बरतने की हिदायत दी गई. इसके साथ ही बैठक में लोहारा/लोहार जाति से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया, ताकि आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.
