आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में किया हंगामा, अस्पताल के फर्नीचर को सड़क पर रख किया आग के हवाले
फारबिसगंज. शहर के अस्पताल से रामपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित निजी साई अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक प्रसव पीड़िता की मौत हो जाने के बाद आक्रोशित लोगों ने जम कर हंगामा किया और अस्पताल के फर्नीचर को बीच सड़क पर रख र आग के हवाले कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 नंबर की पुलिस हालात को काबू करने के प्रयास में जुटी रही. इधर प्रसव पीड़िता की मौत के बाद मृतका के पति व परिजनों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. मृतका का 25 वर्षीय रंजनी कुमारी पति नवीन कुमार मेहता टेढ़ी मुसहरी वार्ड संख्या 03 थाना फारबिसगंज निवासी है. इधर घटना के संदर्भ में मृतका के पति नवीन कुमार मेहता ने बताया कि उनके पत्नी की ये चौथी डिलिवरी थी. उन्हें तीन बच्चे हैं. शुक्रवार को जब उनकी पत्नी की तबीयत खराब हुई तो वे उसे लेकर उक्त अस्पताल में पहुंचे. जहां अस्पताल में चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने के बावजूद अस्पताल में मौजूद कंपाउंडर ने इलाज करना शुरू कर दिया. पीड़ित ने बताया कि वे कहते रहे कि चिकित्सक को बुलाइएं लेकिन कंपाउंडर ने उनकी बातों को अनसुना करते हुए उनकी प्रसव पीड़िता पत्नी को सुई लगायी. पानी आदि चढ़ा कर इलाज शुरू कर दिया. मृतका के पीड़ित पति ने आरोप लगाया कि चिकित्सक की गौर मौजूदगी में उक्त निजी अस्पताल के कंपाउंडर ने उनकी पत्नी का इलाज किया. जब उनकी पत्नी की मौत हो गयी. इसके बाद कंपाउंडर ने प्रसव पीड़िता काे खून की कमी रहने व हालत नाजुक रहने की बात कह कर रेफर करने लगा. पति सहित परिजनों ने कहा कि प्रसव पीड़िता बाइक पर बैठ कर घर से अस्पताल आयी थी. बिल्कुल ठीक थी साई अस्पताल में मौजूद कंपाउंडर ने चिकित्सक की गैर मौजूदगी में इलाज किया. इलाज में लापरवाही के कारण जिससे प्रसव पीड़िता की मौत हो गयी. उन्होंने कहा कि उन्हें इंसाफ चाहिए. इधर घटना के बाद जहां एक तरफ विलाप कर रहे पीड़ित परिजनों को लोग सांत्वना देने में लगे रहे. वहीं घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाने व हालात को काबू करने के साथ साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भेजे जाने की प्रक्रिया में लगे रहे.कहते हैं चिकित्सक
इस संदर्भ में साई अस्पताल के चिकित्सक डॉ डीएन चौपाल ने कहा कि वे अस्पताल में नहीं हैं शुक्रवार को वे पटना में हैं व उनका हेड कंपाउंडर भी पूर्णिया में है. उनकी गैर मौजूदगी में किस कंपाउंडर ने इलाज किया. उन्हें कोई जानकारी नहीं है. अस्पताल में तोड़फोड़ की गयी है. इसकी जानकारी उन्हें मिली है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
