भरगामा. प्रेम परमात्मा से करें इसके बाद संसार अलौकिक हो जायेगा. परमात्मा ईश्वर, सद्गुरु, राम आदि के रूप में हैं. परमात्मा कि भक्ति का अधिकार मानव को है. उक्त बातें संतमत के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कुशमोल में आयोजित महात्मा उचित लाल दास के स्मृति में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग के दौरान प्रवचन में कही. उन्होंने कहा कि ध्यान मानव कर सकता है. ध्यान नहीं करने वाला मानव पशु कि भांति है. ज्ञान से हीन व्यक्ति पशु के समान है. मानव में जबतक अज्ञान का परत होगा तब-तक अंधकार में दुखों से घिरा होगा. कड़वा भाषा बोलने वाले लोग जीवन भर दुखी रहते हैं. अगर मानव मीठी भाषा बोले तो उसका जीवन सुखमय होगा. उन्होंने पांच पाप से बचने की बात कही. स्वामी सत्यानंद जी महाराज सहित अन्य संत महात्माओं का उक्त गांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने श्री सद्गुरु महाराज के जय घोष से स्वागत किया.
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