बाढ़ . जिले के 71 पंचायत पूर्ण व 49 पंचायत बाढ़ से हुए प्रभावित
बाढ़ ने जिले में बड़ी तबाही मचायी है. हालात बता रहे हैं कि बाढ़ खत्म होने के बाद भी पहले जैसी स्थिति बहाल होने में सालों लग जायेंगे. फसलों व मकानों को हुए नुकसान के मद्देनजर जिले की अर्थव्वस्था भीचरमारा जाने की आशंका है. तबाही को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक अनुमानित आंकड़े खुद इसकी गवाही देते हैं.
अररिया : जिलाधिकारी हिमांशु शर्मा कहते हैं कि सड़क, पुल पुलिया के अलावा मकानों व फसलों को हुई क्षति के आकलन का काम शुरू हो चुका है. सर्वे के बाद सही तसवीर सामने आयेगी. पर जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक आंकड़े भी बाढ़ की भयावहता दर्शाने के लिए काफी है.
शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 71 पंचायतों में पूर्ण व 49 पंचायतों में आंशिक बाढ़ के कारण पांच लाख 19 हजार 477 का आबादी प्रभावित हुई. सात लोगों की जानें तक गयीं. लगभग 38 हजार पशुओं पर भी मुसीबत आयी. बाढ़ के कारण जिले के 131 गांव पानी से घिरे रहे. वहीं प्रारंभिक प्रशासनिक अनुमान के मुताबिक बाढ़ के कारण चार हजार से अधिक कच्चे पक्के मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गये. जबकि लगभग इतने ही मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए.
प्रशासनिक आकलन के मुताबिक क्षतिग्रस्त मकानों का अनुमानित मूल्य 15 करोड़ 83 लाख 87 हजार से अधिक है. वहीं रिपोर्ट में जिले के 24 हजार 100 हेक्टेयर में लगी फसलों के क्षति होने का अनुमान लगाया गया है. क्षतिग्रस्त फसलों का अनुमानित मूल्य 16 करोड़ 38 लाख 80 हजार के करीब आंका गया है.
जबकि क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों का मूल्य लगभग दो करोड़ 93 लाख बताया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक सुरसर सहित लगभग आधा दर्जन के करीब बांधों भी क्षतिग्रस्त हुए. वहीं शायद ही कोई गांव ऐसा हो जहां सड़कें न टूटी हों. जानकारी कहते हैं कि मकानों व फसलों की क्षति का ये आंकड़ा वास्तविक क्षति से काफी कम है. बाढ़ के पानी के पूर्ण निकासी के बाद ही सही अंदाजा लग पायेगा.
