अररिया : अररिया नप के मुख्य पार्षद के अविश्वास प्रस्ताव प्रकरण में रोज नये समीकरण उभर कर सामने आ जाते हैं, लेकिन हर दिन शाम को उसकी तस्वीर धुंधली नजर आने लगती है, लेकिन एक बात जो दिलचस्प है और सोशल साइटों पर भी नजर आती है वह यह है कि अविश्वास को लेकर एक खेमा उप मुख्य पार्षद के नाम का एलान कर चुका है. जबकि अविश्वास का प्रस्ताव मुख्य पार्षद रीतेश कुमार राय के ही विरुद्ध 17 पार्षदों के द्वारा लगाया गया है.
उप मुख्य पार्षद बनाने के नाम पर मुख्य पार्षद की कुर्सी पाने की चाहत
अररिया : अररिया नप के मुख्य पार्षद के अविश्वास प्रस्ताव प्रकरण में रोज नये समीकरण उभर कर सामने आ जाते हैं, लेकिन हर दिन शाम को उसकी तस्वीर धुंधली नजर आने लगती है, लेकिन एक बात जो दिलचस्प है और सोशल साइटों पर भी नजर आती है वह यह है कि अविश्वास को लेकर एक […]

दिलचस्प बात तो यह भी है कि उप मुख्य पार्षद के रंग में नये तेवर के साथ मुख्य पार्षद की कुर्सी पाने की चाहत अधिक दिख रही है. हालांकि अब तक खुले तौर पर यह सामने नहीं आ पा रहा है कि मुख्य पार्षद पद के दावेदार कौन हैं. हालांकि चर्चा की माने तो उप मुख्य पार्षद अफसाना प्रवीन ही मुख्य पार्षद पद की दावेदार बन सकती हैं.
बहरहाल अब तक मुख्य पार्षद के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर विशेष बैठक की तिथि मुकर्रर नहीं हो पायी है. इससे पहले मुख्य पार्षद रीतेश जहां अपने खेमे को मजबूती देने में लगे हुए हैं. वहीं दूसरा खेमा भी अपने आप को मजूबत करने का प्रयास तेज कर रहा है. कहा तो यह भी जा रहा है कि मुख्य पार्षद के खेमे के ऐसे चेहरे उनसे दगा करने में तुले हुए हैं जो कि उन्हें इस कुर्सी तक पहुंचाने के लिए मुख्य रणनीतिकार माने जाते थे. हालांकि मामले में राजनीतिक सरगर्मी भी अब तेज होने लगी है.
इसलिए बड़े-बड़े राजनेता भी मामले में दिलचस्पी लेने लगे हैं. उनके द्वारा भी रूठे को मनाने व अविश्वास प्रकरण की हर बारिकियों पर ध्यान दिया जा रहा है. हालांकि देखना दिलचस्प है कि अविश्वास प्रस्ताव के इस प्रकरण में मुख्य पार्षद रीतेश अपनी कुर्सी बचाने में किस हद तक सफल हो पाते हैं. वहीं जिस प्रकार से दिन बढ़ता जा रहा है पार्षदों की बेचैनी के साथ अविश्वास का यह प्रकरण दिलचस्प होता जा रहा है.